बाघिन की मौत का खुलासा:आंतों में गंभीर घाव थे, लगातार उल्टियां बनी वजह


लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन की मझगई रेंज में दो लोगों पर हमला करने के बाद बेहोश की गई बाघिन की मौत का प्रारंभिक कारण सामने आ गया है। बरेली स्थित भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक उल्टियों के कारण बाघिन का पेट पूरी तरह खाली हो गया था। इससे उसकी आंतों में गंभीर घाव (हेमोरेजिक गैस्ट्रोएंट्राइटिस) बन गए, जो उसकी मौत की वजह बने। वन विभाग ने मंगलवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान बाघिन को बेहोश कर सुरक्षित पकड़ा था। हालांकि, कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई, बरेली भेजा गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में बाघिन के पेट में कीड़े मिलने की भी पुष्टि हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि बेहोश किए जाने से पहले उसने मांस खाया था।
इधर, बाघिन के कथित शावकों को लेकर संशय बरकरार है। ग्रामीणों का दावा है कि बाघिन के साथ दो शावक भी देखे गए थे, जबकि वन विभाग का कहना है कि कैमरा ट्रैप और लगातार निगरानी के बावजूद कहीं भी शावक दिखाई नहीं दिए। वन विभाग के अनुसार, कैमरा ट्रैप में दो अलग-अलग बाघों की तस्वीरें जरूर कैद हुई हैं, जिससे क्षेत्र में दूसरे बाघ की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है।
कुछ वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में दूसरा बाघ था, तो उसने शावकों पर हमला किया हो सकता है, जिसके चलते बाघिन आक्रामक हुई होगी। हालांकि, वन विभाग ने इस संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि कैमरा ट्रैप में शावकों की कोई तस्वीर नहीं मिली है। क्षेत्र में वनकर्मियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। वहीं, बफर जोन की डीएफओ कीर्ति चौधरी ने कहा कि अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जाएगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *