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महाराष्ट्र से बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन करने आए पूरे परिवार ने वाराणसी में प्राण त्याग दिए। बीमार व्यापारी की मौत के बाद उसकी पत्नी और बेटे ने होटल के कमरे में जहर खा लिया। दोनों का शव कमरे में मिला, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। बनारस पहुंचे व्यापारी ने जीवन के अंतिम दिन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मंदिर में दर्शन किए और रात में उसकी तबियत बिगड़ गई। शनिवार रात ही उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पिता की चिता को आग देकर आने के बाद मां और बेटा बेसुध हो गए। बेटा और मां अवसाद में चले गए और दोनों ने मुखिया के साथ ही काशी में जान दे दी। सोमवार रात पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और रिश्तेदारों को घटना की सूचना दी। शव की सूचना पर हड़कंप वाराणसी के लक्सा स्थित वाची होम स्टे में मां-बेटे के शव मिलने से सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि दोनों ने सल्फास खाकर आत्महत्या की। मां-बेटे दो दिन पहले काशी आए थे, जबकि एक दिन पूर्व उनके पिता की मौत हुई थी। आशंका है कि पिता की मौत के सदमे में दोनों ने यह कदम उठाया। काशी विश्वनाथ करने आये थे दर्शन महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी विशाल मुखर्जी (56), उनकी पत्नी जया मुखर्जी (51) और बेटा ईशान मुखर्जी (26) वर्ष पिछले सात अगस्त को काशी दर्शन को पहुंचे। लक्सा थाना क्षेत्र के वाची होम स्टे में कमरा बुक कराया। सभी पहले दिन काशी दर्शन किए और फिर आकर कमरे में ठहर गए। पिता विशाल मुखर्जी की तबीयत खराब थी और गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। रविवार की रात अचानक कमरे में उनकी तबीयत बिगड़ गई तो होम स्टे के कर्मचारियों और पुलिस की मदद से उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। बीएचयू पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कमरे में मिला सल्फास एडीसीपी वैभव बांगर ने कहा – शाम 8 बजे हम लोगों को सूचना मिली थी कि कुछ टूरिस्ट अपना कमरा नहीं खोल रहे हैं। लक्शा खान की टीम तत्काल वहां पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने कमरे की तलाशी ली तो वहां सल्फास के कुछ अंश मिले। जानकारी अभी मिल रही है कि ईशान के पिता का तबीयत खराब हुआ था और उन्हें बीएचयू एडमिट कराया गया था। हालांकि पूरे मामले में अभी जांच की जा रही है। आधार कार्ड पर दिए गए पते के अनुसार उनके परिजनों को भी सूचना दी जा रही है।
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काशी में पिता की मौत…मां-बेटे ने जहर खाकर दी जान:महाराष्ट्र से 2 दिन पहले आए, विश्वनाथ दर्शन कर तोड़ा दम, बंद कमरे में मिलीं लाशें