जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया:बंजर भूमि अनियमितता मामले में भ्रष्टाचार के आरोप, विभागीय कार्यवाही शुरु


संभल में सरकारी बंजर भूमि से जुड़े एक मामले में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद राजस्व निरीक्षक अमरनाथ शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह मामला गुन्नौर तहसील के सैंडोरा गांव का है। यह प्रकरण गांव सैंडोरा स्थित गाटा संख्या 1016 की बंजर भूमि से संबंधित है। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि काश्तकार देवेंद्र सिंह ने इस भूमि की मेढ़ काटकर उसे अपने खेत में मिला लिया था। शिकायतकर्ता ने 2 फरवरी 2026 को इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि 3 फरवरी 2026 को राजस्व निरीक्षक अमरनाथ शर्मा और लेखपाल अनुज कुमार ने कार्रवाई के नाम पर 20 हजार रुपये लिए, लेकिन भूमि को कब्जामुक्त नहीं कराया। रुपये वापस किए जाने संबंधी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी गुन्नौर को विस्तृत जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान रुपये के लेन-देन संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई, जिसे उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 का गंभीर उल्लंघन माना गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर उप जिलाधिकारी गुन्नौर ने लेखपाल अनुज कुमार से स्पष्टीकरण मांगा और राजस्व निरीक्षक अमरनाथ शर्मा के निलंबन की संस्तुति की थी। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अमरनाथ शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने प्रकरण में विभागीय कार्यवाही शुरू करने और लेखपाल की भूमिका की जांच के भी निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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