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लखनऊ के काकोरी स्थित जैन मंदिर में बुधवार को पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया।महोत्सव के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें जैन समाज की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। इस दौरान ‘मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, गुरुवार आएंगे’ जैसे भक्ति गीत गूंजते रहे। यह कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी और वापस कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान धार्मिक जयघोष और भजन-कीर्तन किए गए, जिससे वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। जीवन में अहिंसा और त्याग अपनाने का आह्वान कलश यात्रा के समापन के बाद ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। इसके उपरांत पंचकल्याणक महोत्सव से संबंधित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में सक्रिय भागीदारी की और धर्म लाभ प्राप्त किया। महोत्सव के दौरान आचार्य विशुद्ध सागर ने अपने प्रवचन दिए। उन्होंने धर्म, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि आत्मकल्याण का मार्ग सेवा, साधना और संस्कारों से होकर गुजरता है। उन्होंने जीवन में अहिंसा, त्याग और आत्मचिंतन अपनाने का आह्वान किया। ये लोग शामिल हुए इस अवसर पर श्रवणबेलगोला से पधारे भट्टारक चारुकीर्ति महाराज भी उपस्थित रहे। सौधर्म इन्द्र विशाल जैन, कुबेर इन्द्र रोहित जैन, सुबल सागर, विहसन्त सागर और विशल्य सागर सहित कई संतों ने महोत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में विशाल जैन, आदीश जैन, डॉ. अभय जैन जैसे जैन समाज के गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।
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लखनऊ के काकोरी जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव शुरू:पहले दिन निकली भव्य कलश यात्रा, भक्तिमय हुआ माहौल