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ग्रेटर नोएडा में कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में बुधवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब 10 दिनों से धरने पर बैठे आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीम पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने देर रात धरना स्थल खाली कराने का प्रयास किया। विरोध करने पर महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे कई लोग चोटिल हो गए। कर्मचारियों का आरोप- जबरन खत्म कराया जा रहा आंदोलन धरनारत कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 दिनों से नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रशासन पुलिस के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, देर रात अचानक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम धरना स्थल पर पहुंची और कर्मचारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। लाइट बंद होते ही मच गई अफरा-तफरी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान धरना स्थल के हॉल की बिजली भी बंद कर दी गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उनका दावा है कि इस दौरान कई महिला और पुरुष कर्मचारी चोटिल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार देना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज जैसी स्थिति बनने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 10 दिन से जारी है धरना कर्मचारियों के अनुसार, वे नियमितीकरण की मांग को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि संस्थान प्रबंधन ने नियमितीकरण को छोड़कर अन्य अधिकांश मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन मुख्य मांग पूरी न होने के कारण आंदोलन जारी है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। पुलिस और प्रशासन का पक्ष नहीं आया सामने देर रात हुए इस घटनाक्रम के बाद जिम्स परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस और जिम्स प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर कर्मचारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
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नोएडा के जिम्स में आधी रात हंगामा:कर्मचारी पुलिस से भिड़े, कई घायल; बोले- जबरन धरना खत्म करा रहे