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लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर प्रयागराज मंडल के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंडल की 10 संस्थान सील अब तक प्रयागराज और कौशाम्बी में कुल 10 कोचिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों को सील किया जा चुका है। वहीं मंडल के विभिन्न जिलों में 52 से अधिक कोचिंग और शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया गया है। जांच में सामने आई गंभीर खामियां जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकांश संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की वैध एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिली। कई जगहों पर इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी, जबकि कुछ संस्थानों में अग्निशमन यंत्र या तो खराब मिले या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। अधिकारियों ने पाया कि कई कोचिंग संस्थान स्वीकृत भवन मानचित्र और भू-उपयोग नियमों के विपरीत संचालित हो रहे थे। कुछ जगहों पर बेसमेंट में अवैध रूप से कक्षाएं और लाइब्रेरी चलाई जा रही थीं। इसके अलावा क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने, खुले बिजली के तार, धुआं निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था और वेंटिलेशन की कमी जैसी गंभीर खामियां भी मिलीं। मंडलायुक्त का आदेश जांच लगातार जारी रखी जाए प्रशासन का कहना है कि कुछ संस्थान विद्यार्थियों की सुरक्षा की बजाय व्यावसायिक लाभ को अधिक महत्व दे रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोचिंग संस्थानों की जांच लगातार जारी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और मानक अनुरूप शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रयागराज में सील किए गए संस्थान कौशाम्बी में सील किए गए संस्थान
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लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज मंडल में 10 संस्थान सील:जांच के दौरान कई गंभीर खामियां, मंडल के सभी जिलों में विशेष अभियान