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बलिया के करीहरा, बेरुआरबारी स्थित बाबा अमरनाथ एवं बाबा भगवान दास मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय राम कथा के तीसरे दिन बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संतुष्टि ही खुशहाल जीवन का आधार है और जो प्राप्त है, वही पर्याप्त है। महाराज ने अपने प्रवचन में जोर दिया कि कोई भी व्यक्ति पूर्णतः संतुष्ट नहीं है। जिस दिन व्यक्ति को संतुष्टि प्राप्त हो जाती है, उसका जीवन सबसे सुखी हो जाता है। उन्होंने इस सोच को अपनाने की प्रेरणा दी कि जो कुछ भी हमें मिला है, वह पर्याप्त है, और इसी विचार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करना चाहिए। राजन जी महाराज ने कथा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका प्रयास केवल श्रोताओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक हृदय को भगवान से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को वास्तव में भगवान का साक्षात्कार होता है, वह उस अनुभव को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाता, क्योंकि वह दिव्य आनंद अवर्णनीय होता है। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जन्म संपूर्ण मानवता के उत्थान, धर्म और आदर्श की स्थापना तथा अधर्म के नाश के लिए हुआ था। उनके जीवन का हर प्रसंग हमें उत्तम चरित्र और श्रेष्ठ आचरण की प्रेरणा देता है। महाराज ने सभी से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर एक सुंदर,संस्कारित और धर्ममय समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, बांसडीह विधायक एवं कार्यक्रम संयोजक केतकी सिंह, आयोजक बाबा अमरनाथ सेवा समिति के व्यवस्थापक राकेश सिंह, अध्यक्ष हरिद्वार सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह अन्नू जी, पंडित चैतन्य जी महाराज, रजनीश सिंह, प्रशांत सिंह, गामा सिंह,सेलू सिंह,अनिल सिंह, शैलेंद्र जी,दीपक सिंह और महावीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। श्रद्धालुओं को कथा स्थल तक आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। रामकथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।्र देखें कथा की फोटो…
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राजन जी महाराज बोले- संतुष्टि से ही खुशहाल जीवन संभव:कथा का उद्देश्य श्रोताओं की संख्या बढ़ाना नहीं, हर हृदय को भगवान से जोड़ना है