बिना पंजीकरण क्लीनिक में गर्भपात की जांच एसटीएफ करेगी:हाईकोर्ट के आदेश पर बलरामपुर पहुंची, रेप के बाद जबरन गर्भपात कराया था


बलरामपुर के पचपेड़वा स्थित जूड़ीकुइंया में बिना पंजीकरण संचालित नूर हेल्थ एंड फिजियोथेरेपी सेंटर में दुष्कर्म पीड़िता थारू किशोरी के गर्भपात का मामला दो माह बाद फिर गरमा गया है। सोमवार को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ की जिले में दस्तक से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला अप्रैल माह का है। पचपेड़वा के एक गांव की 15 वर्षीय थारू किशोरी को कोहरगड्डी मठवा गांव निवासी जलाल अहमद ने शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया था। किशोरी के गर्भवती होने पर जलाल अहमद ने क्लीनिक संचालक डॉ. अफजल सुफियान से मिलकर नूर हेल्थ सेंटर में उसका जबरन गर्भपात करा दिया था। पीड़िता की तहरीर पर पचपेड़वा पुलिस ने डॉ. सुफियान और जलाल अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन पुलिस टीम ने छापेमारी कर नूर हेल्थ सेंटर को सील कर दिया था।
तत्कालीन अपर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की जांच में सामने आया था कि यह क्लीनिक बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित हो रहा था। जांच में यह भी पता चला कि इस क्लीनिक में पहले भी कई गर्भपात किए जा चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपित चिकित्सक डॉ. अफजल सुफियान ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी। इसी आदेश के तहत एसटीएफ ने सोमवार को जिले में पहुंचकर छानबीन शुरू की है। एसटीएफ की टीम एक-एक कर सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। अपर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़वा के अधीक्षक व अन्य लोगों के बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।
प्रभारी निरीक्षक थाना पचपेड़वा ओपी चौहान ने पुष्टि की कि हाईकोर्ट के आदेश पर एसटीएफ टीम आई है और सभी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारी फिलहाल मामले में अधिक जानकारी देने से बच रहे हैं। एसपी विकास कुमार ने कहा- दुष्कर्म प्रकरण में एसटीएफ आई है, जिसका पूरा सहयोग किया जा रहा है। पुराना प्रकरण है, जिसमें पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाईकोर्ट के आदेश पर पुन: एसटीएफ को जांच सौंपी गई है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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