![]()
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं के लिए कानपुर के श्यामनगर स्थित 37वीं वाहिनी में एक विशेष ‘परिचय एवं भ्रमण कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। भोपाल भ्रमण से वापसी पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को अनुशासित सैन्य जीवन, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली से अवगत कराना था। सेनानायक बी.बी. चौरसिया की उपस्थिति और निर्देशन में छात्राओं को करियर संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने वाहिनी के बैडमिंटन कोर्ट, पुलिस मॉडर्न स्कूल और कंप्यूटर लैब का दौरा किया। सेनानायक ने उन्हें इन स्थानों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए, सेनानायक ने विद्यालय की मेधावी छात्रा लाइबा शेख को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक ‘सेनानायक’ नियुक्त किया। लाइबा शेख ने सेनानायक की कुर्सी पर बैठकर कार्यालय के कामकाज को समझा। सेनानायक ने उन्हें नेतृत्व क्षमता और अनुशासन के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं के मन से वर्दी का भय दूर करना और उन्हें भविष्य में रक्षा एवं पुलिस सेवाओं के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर सेनानायक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा और साहस के बल पर वे किसी भी ऊंचे पद को प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र जीवन में आने वाली मुश्किलें हमें कमजोर नहीं बनातीं, बल्कि इन्हीं की वजह से हम और सशक्त हो जाते हैं। यह भ्रमण छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव साबित हुआ। ‘एक दिन की सेनानायक’ की पहल ने अन्य छात्राओं में भी नया जोश और आत्मविश्वास भरा। सेनानायक ने छात्राओं को स्कूल बैग भी प्रदान किए। इस पूरे भ्रमण के दौरान कॉलेज की प्रधानाचार्या सुष्मिता चौरसिया और अन्य स्टाफ के साथ-साथ वाहिनी के अधिकारी और कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।
Source link
छात्रा लाइबा शेख बनीं एक दिन की सेनानायक:37वीं वाहिनी में छात्राओं ने जाना सैन्य जीवन, करियर मार्गदर्शन भी मिला