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गोरखपुर में पार्क हॉस्पिटल के दो डॉक्टरों के साथ करोड़ो रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दवा कंपनी मेडरेव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों ने हॉस्पिटल के रिकॉर्ड और डेटा में हेराफेरी कर प्रॉफिट छुपाया और उनके हिस्से की रकम को हड़पने की कोशिश की। पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित ने बताया कि हॉस्पिटल के अंदर आरोपी कंपनी का ओपीडी और आईपीडी फॉर्मेसी चलने का रिटेन अग्रीमेंट हुआ था। जिसके तहत लाभ का 75 परसेंट डॉक्टरों को मिलना था। लेकिन बिक्री और प्रॉफिट में भारी अंतर दिखा कर गड़बड़ी की गई। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद कैंट थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए पूरा मामला…
पार्क हॉस्पिटल के सह-स्वामी डॉ. ओंकार नाथ राय ने पुलिस को बताया कि उनका और डॉ. धर्मेन्द्र कुमार राय का मेडरेव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ लिखित समझौता था। समझौते के तहत हॉस्पिटल के अंदर कंपनी की ओपीडी और आईपीडी फार्मेसी चलती थी। फार्मेसी के लाभ में 75 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टरों और 25 प्रतिशत हिस्सा कंपनी को मिलना तय था। आरोप है कि कंपनी के रिकॉर्ड और सॉफ्टवेयर डाटा चेकिंग के दौरान मार्च 2019 से अक्टूबर 2024 तक के बिक्री और लाभ संबंधी आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया। 1.65 करोड़ रुपए का अंतर मिला
उनका कहना है कि सॉफ्टवेयर रिपोर्ट और कंपनी की ओर से हॉस्पिटल को उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के बीच कुल 1.65 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ का अंतर सामने आया है। आरोप है कि इस राशि में डॉक्टरों का 75 प्रतिशत हिस्सा, करीब 1.24 करोड़ रुपये, जानबूझकर डाटा में कूटरचना कर हड़प लिया गया। उनका कहना है कि वर्ष 2015 से दोनों पक्षों के बीच व्यावसायिक संबंध रहे हैं और संभव है कि पहले भी इसी तरह की अनियमितताएं की गई होंगी। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत थाना कैंट और एसएसपी से की, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश पर कैंट थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गोरखपुर में पार्क हॉस्पिटल के डॉक्टरों से करोड़ों की हेराफेरी:दवा कंपनी पर प्रॉफिट छुपाने का आरोप, कैंट थाने में FIR दर्ज