सहारनपुर में दस्तावेज लेखक संघ की हड़ताल:रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्टिंग और ई-रजिस्ट्री के विरोध में दो दिन से कामकाज ठप


सहारनपुर में रजिस्ट्री कार्यालयों को फतेहपुर जट्ट स्थानांतरित करने और प्रदेश सरकार की ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने के विरोध में दस्तावेज लेखक संघ सदर सहारनपुर ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के आह्वान पर दस्तावेज लेखक पिछले दो दिनों से हड़ताल पर हैं, जिससे रजिस्ट्री से जुड़े सभी काम प्रभावित हो रहे हैं। दस्तावेज लेखक संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें कहा गया है कि रजिस्ट्री ऑफिस सदर द्वितीय और सदर तृतीय को फतेहपुर जट्ट ले जाने का निर्णय जनहित में नहीं है। संघ का तर्क है कि कलक्ट्रेट परिसर में ही कार्यालयों के संचालन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, इसलिए कार्यालयों को दूर स्थानांतरित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। संघ के अध्यक्ष लुकमान अहमद ने बताया कि फतेहपुर जट्ट कलक्ट्रेट से पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। वहां पहुंचने में आम लोगों,बुजुर्गों और रजिस्ट्री कराने वाले पक्षकारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस स्थानांतरण से उत्पन्न होने वाली सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समस्याओं पर भी सवाल उठाए। दस्तावेज लेखकों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से उनका रोजगार बुरी तरह प्रभावित होगा। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में लोग दस्तावेज लेखकों की मदद से रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराते हैं,लेकिन पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है। महासचिव नवाब सिंह चौहान ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर दस्तावेज लेखक कोई दूसरा व्यवसाय शुरू नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि ई-रजिस्ट्री में तकनीकी खामियों और गलतियों की संभावना बनी रहेगी,जिसका खामियाजा अंततः आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान दस्तावेज लेखक अपने घरों पर बैठे हैं। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान कार्यालय स्थानांतरण रोकने के लिए प्रयास करने का आश्वासन मिला है, लेकिन जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता,आंदोलन जारी रहेगा। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं,तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल और आंदोलन के अन्य चरणों का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

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