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गीता प्रेस के चेयरमैन केशोराम जी अग्रवाल का 97 साल की उम्र में निधन हो गया। मंगलवार को कोलकाता में सुबह 7 बजकर 22 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से गीता प्रेस परिवार, धार्मिक जगत और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। जानकारी देते हुए गीता प्रेस के मैनेजर डॉ. लालमणि तिवारी ने बताया कि उनका जीवन धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित रहा। वे गीता प्रेस के संस्थापक ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय सेठ जयदयाल गोयंका, ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय स्वामीजी रामसुख दासजी महाराज के विशेष कृपाभाजन थे। उनके सान्निध्य और मार्गदर्शन ने उनके जीवन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अपने सरल, सौम्य और धार्मिक व्यक्तित्व के कारण वे समाज के विभिन्न वर्गों में अत्यंत सम्मानित थे। उनके महाप्रयाण से न केवल उनके परिजनों, बल्कि उनसे जुड़े असंख्य श्रद्धालुओं, शुभचिंतकों और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर व्याप्त है। उनका अंतिम संस्कार कोलकाता के केवड़ातल्ला महाश्मशान घाट पर किया गया, जहां समाज के हर तबके के लोग मौजूद थे। परिवार में 2 बेटे और बेटियां शामिल
इसके पहले उनका पार्थिव शरीर गोविन्द भवन कार्यालय भेजा गया, जहां सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनके बड़े बेटे परीक्षित अग्रवाल, छोटे बेटे गौरांग अग्रवाल, बेटियां मीरा पटवारी और बृंदा अग्रवाल शामिल हैं। गौरांग अग्रवाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्था मैकब्रेन इंडिया के संस्थापक और संचालक हैं। उन्होंने आगे बताया कि श्री केशोराम अग्रवाल का सन्मार्ग परिवार के साथ अत्यंत आत्मीय और घनिष्ठ संबंध रहा। उनके निधन से सन्मार्ग परिवार को गहरा आघात लगा है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। राजस्थान के कोटा के मूल निवासी थे
केशोराम जी अग्रवाल गीता प्रेस गोरखपुर के सम्मानित ट्रस्ट बोर्ड अध्यक्ष थे। वह मूल रूप से राजस्थान के कोटा के निवासी थे और लंबे समय से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और इस संस्था के सुचारू संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
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गीता प्रेस के चेयरमैन का 97 की उम्र में निधन:कोलकाता में ली अंतिम सांसें, केवड़ातल्ला महाश्मशान घाट पर दी अंतिम विदाई