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बिजनौर में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPM) के कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय नाविकों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की गई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ता जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। ज्ञापन में बताया गया कि भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर यह इस तरह का तीसरा हमला है। अमेरिकी सरकार ‘नाकाबंदी’ का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज पर हमले जारी रखने की धमकी दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी प्रशासन की इन कार्रवाइयों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त आवाजाही के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका एक ‘अपराधी’ की तरह व्यवहार कर रहा है, जो पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपने की कोशिश कर रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर अमेरिका की ‘जूनियर पार्टनर’ बनने और अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि ईरान और पश्चिम एशिया पर अमेरिकी हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे ऊर्जा की लागत बढ़ी है और उर्वरक तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी हुई है। कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की कि ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के एक महत्वपूर्ण देश के रूप में भारत को अमेरिकी साम्राज्यवादी आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए और इसके खिलाफ खड़े होने के लिए ग्लोबल साउथ की आवाजों का नेतृत्व करना चाहिए। केंद्र सरकार से यह भी मांग की गई कि मारे गए नाविकों के परिवारों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। इस प्रदर्शन में फरीद अहमद, शफाफत मोहम्मद, इसरार, तुलाराम, इंदु कुमार शर्मा, अखलाक मोहम्मद, सुहैल सलीम, राम अवतार सिंह, जयपाल सिंह, प्रवीण सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत:बिजनौर में कलेक्ट्रेट पर कम्युनिस्ट पार्टी का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन