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प्रयागराज की हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्य अधिवक्ता जाग्रति शुक्ला की मौत को लेकर अधिवक्ता आशीष कुमार मिश्रा ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई संवैधानिक और न्यायिक संस्थाओं को विस्तृत प्रत्यावेदन भेजकर मामले में उच्चस्तरीय जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यावेदन में आरोप लगाया गया है कि 23 वर्षीय अधिवक्ता जाग्रति शुक्ला 20 मई 2026 को सड़क दुर्घटना के बाद प्रयागराज के एस.आर.एन. अस्पताल पहुंचाई गई थीं, जहां उन्हें समुचित उपचार नहीं मिला। शिकायत में चिकित्सा लापरवाही, सदोष परिरोध, जबरन वसूली, शारीरिक गरिमा पर प्रहार और साक्ष्य नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि इन परिस्थितियों के परिणामस्वरूप 7 जून 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। आशीष कुमार मिश्रा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि यह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक प्रकरण है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपने, एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ने, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, संबंधित चिकित्सकों के निलंबन, पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा सीसीटीवी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। प्रत्यावेदन में पीड़ित परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। मामले को लेकर अधिवक्ता समुदाय में गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया गया है तथा इसे न्याय व्यवस्था और स्वास्थ्य तंत्र की जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है।
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वकील की मौत पर पीएम से जांच की मांग:जाग्रति शुक्ला मामले में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा पत्र