DM ने राजस्व-चकबंदी न्यायालयों के अफसरों को दी चेतावनी:अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार और मुकदमों के निस्तारण में देरी पर जताई नाराजगी


चंदौली में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मुलाकात की। अधिवक्ताओं ने राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा मुकदमों के निस्तारण में देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। अधिवक्ताओं की शिकायत और नाराजगी को देखते हुए डीएम ने तत्काल संबंधित अफसरों से फोन पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि राजस्व और चकबंदी की अदालतों में अक्सर मुकदमों को गुण-दोष के आधार पर निस्तारित नहीं किया जाता। इसके बजाय, अधिकारी साक्ष्य के अभाव का हवाला देकर मामलों को निरस्त कर देते हैं, जिससे वादकारियों और अधिवक्ताओं में भारी असंतोष है। राजेश मिश्रा ने कहा कि राजस्व और चकबंदी में व्याप्त भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है, फिर भी अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराते हैं। उन्होंने मांग की कि जिलाधिकारी को जनपद की तहसीलों और चकबंदी अदालतों में लंबित मुकदमों की समीक्षा करनी चाहिए। इससे लापरवाह अफसरों की कार्यशैली उजागर होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकेगी। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक करेंगे। इस दौरान महामंत्री सुल्तान अहमद, शमशुद्दीन, राकेशरत्न तिवारी, रमाशंकर यादव, राहुल सिंह, अनिल शर्मा, रवि प्रकाश सिंह और मिथिलेश कुमार सहित कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

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