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बांदा के बदौसा थाना परिसर में हुई 19 वर्षीय शिवानी की हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बड़ा फैसला लिया है। मामले की विवेचना अब बदौसा थाने से हटाकर फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा को सौंप दी गई है। इस गंभीर घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में बदौसा थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष, एक उपनिरीक्षक और एक महिला कांस्टेबल को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है। विभागीय जांच भी अतर्रा सर्किल से हटाकर सीओ सदर को सौंपी गई है। यह घटना 18 मई से जुड़ी है, जब बदौसा थाना क्षेत्र के बरछा-बा गांव निवासी 19 वर्षीय शिवानी अपने पड़ोसी ललित वर्मा के साथ घर से चली गई थी। दोनों के अलग-अलग जाति के होने के कारण परिजनों ने इसका विरोध किया था। शिवानी की मां रन्नो देवी की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। लगभग एक महीने बाद, 13 जून को पुलिस ने शिवानी और ललित को मध्य प्रदेश के बरौंधा क्षेत्र से बरामद किया और बदौसा थाने लाई। थाने में काउंसलिंग के दौरान शिवानी ने खुद को बालिग बताते हुए ललित वर्मा के साथ रहने की इच्छा जताई। इसी बात से नाराज होकर उसके पिता सत्यकुमार ने थाने के अंदर ही धारदार हथियार से शिवानी पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 जून को तत्कालीन थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक सुरेंद्र मिश्रा और महिला कांस्टेबल राखी को लाइन हाजिर कर दिया था। अब इस चर्चित हत्याकांड की विवेचना फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा करेंगे। साथ ही, विभागीय जांच की जिम्मेदारी सीओ सदर सौरभ सिंह को दी गई है, जिन्हें सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने बताया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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शिवानी हत्याकांड- जांच फतेहगंज थाना प्रभारी को सौंपी गई:बदौसा थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष, SI और कांस्टेबल लाइन हाजिर