हेल्पएज इंडिया ने वृद्धों पर जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट जारी की:विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर लखनऊ में चर्चा


लखनऊ विश्वविद्यालय के राधा कमल मुखर्जी सभागार में विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर हेल्पएज इंडिया ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर ‘क्लाइमेट रेजिलिएंट एजिंग: देखभाल, गरिमा और सहभागिता सुनिश्चित करना’ नामक राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी उनकी चुनौतियों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट का विमोचन आईएएस अधिकारी डॉ. हीरा लाल, गिरी विकास अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. हर्ष शर्मा, चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय की डॉ. अल्का शर्मा, वरिष्ठ नागरिक महासमिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्यामपाल सिंह और हेल्पएज इंडिया उत्तर प्रदेश के राज्य प्रमुख अनूप पंत ने किया। बुजुर्गों के जीवन पर उनके असर का विश्लेषण किया यह अध्ययन देश के 10 राज्यों के 20 जिलों में 2,224 वरिष्ठ नागरिकों पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और बुजुर्गों के जीवन पर उनके असर का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। अध्ययन के अनुसार, बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने हाल के वर्षों में हीटवेव, बाढ़, सूखा और अन्य जलवायु संबंधी आपदाओं का सामना किया है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद बुजुर्गों ने अपने अनुभव, पारिवारिक सहयोग और सामुदायिक समर्थन के माध्यम से उल्लेखनीय धैर्य और अनुकूलन क्षमता प्रदर्शित की है। अध्ययन दर्शाता है कि वरिष्ठ नागरिक केवल सहायता प्राप्त करने वाले नहीं हैं, बल्कि समाज को दिशा देने और समुदायों को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जलवायु परिवर्तन के चुनौतियों से निपटने पर चर्चा हेल्पएज इंडिया उत्तर प्रदेश के राज्य प्रमुख अनूप पंत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, ज्ञान और सामाजिक समझ का उपयोग जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में किया जाना चाहिए।उन्होंने सरकार और अन्य संस्थाओं से ऐसी योजनाएं बनाने की अपील की, जिनमें बुजुर्गों की जरूरतों और उनकी सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए। रिपोर्ट में पेंशन,सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बताया गया है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और सामुदायिक सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *