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ओमान के निकट होर्मुज क्षेत्र में जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले सुरौली गांव निवासी शिप फिटर शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर को भारत लाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने परिजनों से संपर्क कर शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी है। मृतक के भाई रामप्रवेश चौरसिया को भारतीय दूतावास के एक अधिकारी का फोन आया। बातचीत के दौरान अधिकारी ने परिवार का हालचाल जानने के साथ बताया कि दूतावास ओमान के संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और पार्थिव शरीर को भारत भेजने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने बताया कि आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होते ही शिवानंद का शव भारत भेज दिया जाएगा। इस दौरान रामप्रवेश ने अपने भाई का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द गांव पहुंचाने की गुहार लगाई। दूतावास की ओर से उन्हें भरोसा दिलाया गया कि भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर लगातार प्रयास कर रही है। डीएम-एसपी ने परिजनों से की मुलाकात घटना के तीसरे दिन शनिवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर सुरौली गांव पहुंचे। अधिकारियों ने शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया, भाई रामप्रवेश और अन्य परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। जिलाधिकारी ने परिवार को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जानकारी शासन को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित भारतीय दूतावासों के बीच समन्वय स्थापित कर शव को जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। परिवार को शव का इंतजार शिवानंद चौरसिया की मौत के बाद से सुरौली गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। परिवार लगातार पार्थिव शरीर को वतन लाने और सरकारी सहायता की मांग कर रहा था। भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप और प्रक्रिया शुरू होने की सूचना मिलने के बाद अब परिजनों को जल्द शव मिलने की उम्मीद जगी है। परिवार और ग्रामीणों की निगाहें अब उस दिन पर टिकी हैं, जब शिवानंद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा और उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जा सकेगा।
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शिवानंद का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया शुरू:देवरिया में भारतीय दूतावास ने परिजनों से किया संपर्क