जुड़वां बेटियों के हत्यारोपी पिता के खिलाफ चार्जशीट तैयार:कानपुर में पुलिसवाले समेत 20 गवाह, 150 पेज की चार्जशीट में CCTV अहम सबूत


कानपुर में जुड़वां बेटियों की गला रेतकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। मामले के विवेचक इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि हत्यारोपी पिता शशिरंजन के खिलाफ 150 पेज की चार्जशीट तैयार की गई है, जिसमें मृतका की मां, मौसी, मामा समेत 20 लोगों को पुलिस ने बतौर गवाह शामिल किया है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के रूप में घर में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी अहम साक्ष्य के तौर पर माना गया है। घटनास्थल से मिले चापड़, खून, फिंगरप्रिंट, बिसरा की FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोट्ररी) रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो 10 दिनों में आने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलते ही चार्जशीट सबमिट की जाएगी। अब जानिए क्या था पूरा प्रकरण… नौबस्ता के के-ब्लॉक किदवईनगर इलाके में त्रिमूर्ति अपार्टमेंट फेज-2 में 19 अप्रैल की तड़के एक सनसनीखेज घटना में 45 वर्षीय दवा कारोबारी (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव) शशिरंजन मिश्रा ने अपनी 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों, रिद्धि और सिद्धि की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। मदर टेरेसा मिशन हाईस्कूल में पांचवीं कक्षा की छात्रा 11 वर्षीय रिद्धि और सिद्धि के शव उनके ही कमरे में बेड पर पड़े मिले थे। बिहार के रहने वाले शशिरंजन ने मूलरूप से पश्चिम बंगाल, सिलीगुड़ी निवासी रेशमा छेत्री से वर्ष 2014 में लव मैरिज की थी, रेशमा एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी, जहां उसकी मुलाकात शशिरंजन से हुई थी। वह जुड़वा बेटी रिद्धी–सिद्धी और 6 वर्षीय बेटे गन्नू उर्फ रुद्रव के साथ करीब 8 साल से विवेक गुप्ता के फ्लैट में किराए पर रह रहे थे। PRV में तैनात पुलिसकर्मियों को भी बनाया गया गवाह घटना के समय बेटा दूसरे कमरे में मां के साथ सो रहा था। हत्या करने के बाद शशिरंजन ने ही फोन कर पुलिस को जानकारी दी थी, मौके पर पहुंची पुलिस ने रेशमा को जगाया तो उसे घटना का पता चला था। पुलिस ने मौके से आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं,वारदात के बाद रेशमा ने नौकरानी अमरावती को फोन कर घर बुलाया और घटना की जानकारी दी थी। पुलिस ने पत्नी रेशमा की तहरीर पर आरोपी शशिरंजन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले के विवेचक नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण में 150 पेज की चार्जशीट तैयार कर ली गई है। जिसमें मृतक बच्चियों की मां रेशमा छेत्री, मौसी हेमा छेत्री, मामा बाल बहादुर, अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड प्रेमनारायण दीक्षित, शशिरंजन के घर काम करने वाली नौकरानी अमरावती, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, घटना के दिन पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मियों समेत 20 गवाह चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। नौबस्ता इंस्पेक्टर के मुताबिक शशिरंजन के घर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी अहम साक्ष्य के तौर में शामिल किया गया है। जिसमें घटना की रात 10:30 बजे शशिरंजन रिद्धी–सिद्धी को कमरे में भेजता नजर आ रहा है, इसके बाद रेशमा ने भी अपना कमरा बंद कर लिया, हालांकि वह खुद कमरे में नहीं गया था। सीसीटीवी फुटेज में फ्लैट के ड्राइंग एरिया में पड़े दीवान में बैठते और लेटते हुए नजर आया था। इस दौरान दो बार रेशमा भी बाहर आई, जिस पर उसने बात करने का बहाना बनाते हुए काम में अपना मोबाइल लगा लिया, रात 12:48 बजे वह कमरे में चला गया। इसके बाद रात करीब 2:15 पर शशिरंजन बेटी रिद्धी को टॉयलेट कराने के लिए बाहर निकलता नजर आया था। फुटेज के मुताबिक रिद्धी खुद चलकर टॉयलेट के अंदर जाती हुई दिख रही थी, जबकि शशिरंजन बाहर खड़ा हुआ था। करीब तीन मिनट बाद वह वापस कमरे में चले गए थे। इसके बाद शशिरंजन ने चापड़ से गला रेत कर घटना को अंजाम दिया।

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