![]()
संभल की जिला अदालत ने प्रधानपति वीरेंद्र की हत्या के मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों ने वीरेंद्र की हत्या करने के बाद उसके शव को शीशम के पेड़ से लटका दिया था और इसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की थी। इस मामले में कोर्ट ने नौ साल बाद अपना फैसला सुनाया है। यह घटना संभल जिले की चंदौसी तहसील के थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के धनुपुरा गांव की है। मृतक वीरेंद्र ग्राम प्रधान अनीता देवी के पति थे। आरोपियों ब्रह्मपाल पुत्र नरेश और सुनील पुत्र छत्रपाल पर आरोप था कि उन्होंने 10 जून 2017 को वीरेंद्र को घर से बुलाया था। अगले दिन, 11 जून 2017 को, वीरेंद्र का शव शीशम के पेड़ से लटका मिला था। आरोपियों ने पुलिस को सूचना दी थी कि वीरेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि, मृतक के रिश्तेदार पप्पू सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह ने 16 जून 2017 को थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू हुई। जिला न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह ने बुधवार को इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। उन्होंने दोनों आरोपियों को हत्या के बाद आत्महत्या का रूप देने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा के साथ 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पूरे मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने की। उन्होंने बताया कि घटना में मृतक की पत्नी सहित गांव के अन्य लोगों की गवाही भी कराई गई थी। फैसला सुनाए जाने के दौरान आरोपी और पीड़ित पक्ष दोनों कोर्ट में मौजूद थे। निर्णय के बाद दोनों दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में मुरादाबाद जेल भेज दिया गया है।
Source link
संभल में प्रधानपति हत्याकांड: दो दोषियों को आजीवन कारावास:हत्या कर पेड़ से लटकाया था शव, 25-25 हजार का जुर्माना भी