![]()
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और विजय बेला एक कदम खुशियों की ओर, लखनऊ के सहयोग में आयोजित 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन हो गया। यह कार्यशाला बाराबंकी स्थित बहार सुगम संगीत प्रभाग, निकट अंबे माता मंदिर में संपन्न हुई। समापन सत्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि कवि, साहित्यकार एवं रंगकर्मी प्रदीप सारंग ने अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सभासद ज्ञान प्रताप सिंह ‘ज्ञानू’, एडवांस कार्डियोलॉजी ट्रेनिंग एंड रिसर्च सोसाइटी, लखनऊ के सचिव नवीन सेठ, शायर एवं रंगकर्मी आदर्श गुलसिया तथा बहार सुगम संगीत प्रभाग के संस्थापक प्रभात दीक्षित भी उपस्थित रहे। कार्यशाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी कार्यशाला में लगभग 20 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। उपस्थित अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को रंगमंच और अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऐसी कार्यशालाओं को व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यशाला के प्रशिक्षक चंद्रभाष ने प्रतिभागियों को नाट्य कला के महत्व, अभिनय की मूलभूत तकनीकों और कार्यशाला की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान बच्चों को अभिनय, संवाद-अदायगी, मंच संचालन, शारीरिक अभिव्यक्ति एवं व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
Source link
15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन:उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और विजय बेला ने किया आयोजन