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मिर्जापुर: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के कृषि विज्ञान केंद्र, बरकछा में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता का संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों और किसानों द्वारा भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर श्रीराम सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों और किसानों का स्वागत किया। अपने संबोधन में प्रोफेसर श्रीराम सिंह ने ‘खेत बचाओ अभियान’ की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और उनके लाभों के बारे में जानकारी दी। प्रोफेसर सिंह ने बताया कि खेतों की उत्पादकता बनाए रखने के लिए हरी खाद का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सनई, ढैंचा, लोबिया, मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई कर उन्हें समय पर खेत में पलटने और सड़ाने से भूमि की उर्वरता बढ़ने के महत्व पर जोर दिया। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। उन्होंने किसानों से जैविक उर्वरकों, कम्पोस्ट खाद और प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक, मिर्जापुर, विकेश पटेल ने कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने खरीफ फसलों की तैयारी, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और जनपद में हरी खाद के लिए उपलब्ध ढैंचा बीज के बारे में किसानों को अवगत कराया। गोष्ठी के दौरान किसानों ने कृषि, मृदा स्वास्थ्य और खरीफ फसल उत्पादन से संबंधित कई प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने इन प्रश्नों का विस्तार से समाधान किया और किसानों को नवीन कृषि तकनीकों तथा वर्तमान कृषि परिस्थितियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर 'खेत बचाओ' अभियान शुरू:मिर्जापुर में BHU दक्षिणी परिसर में मिट्टी की उर्वरता संरक्षण पर जोर