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लखनऊ के लाटूश रोड स्थित लखनऊ व्यापार मंडल भवन में गुरुवार को राज्य कर विभाग और व्यापारियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य जीएसटी पंजीयन व्यवस्था को सुदृढ़ और सरल बनाना था। इस दौरान विभाग के खंड-3, खंड-4, खंड-5 और खंड-7 के अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन के लाभ, नियमों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी, साथ ही उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने व्यापारियों की ओर से कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने हाल ही में लागू की गई ई-वे बिल निरस्तीकरण की नई व्यवस्था को अव्यावहारिक बताया। मिश्र ने कहा कि परिवहन के दौरान ई-वे बिल की वैधता समाप्त होने पर व्यापारियों को दोबारा बिल जनरेट करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है तथा कारोबार प्रभावित होता है। नियमों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की संवाद के दौरान, अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में ज्वाइंट कमिश्नर उदय प्रताप सिंह, उपायुक्त राखी सिंह, अनिल कुमार, पूनम गुप्ता, प्रमोद विश्वकर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर अनुपमा सिंह तथा राज्य कर अधिकारी संजय सिंह और रवि भूषण उपस्थित रहे। व्यापार मंडल की ओर से अमरनाथ मिश्र, सतीश अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, पवन मनोचा, अनुराग मिश्र, जितेंद्र सिंह चौहान, सुहैल हैदर अल्वी सहित सैकड़ों व्यापारी शामिल हुए। बैठक में कर संबंधी विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई और विभाग व व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
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राज्य कर विभाग-व्यापारियों का संवाद कार्यक्रम:लखनऊ में जीएसटी पंजीयन व्यवस्था सुदृढ़ करने पर चर्चा