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मैनपुरी में बिजली चोरी के मामलों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले सात आरोपियों के खिलाफ स्पेशल जज ईसी एक्ट न्यायालय ने सख्त कार्रवाई की है। अदालत ने सभी आरोपियों के विरुद्ध बिना जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किए हैं और उनके जमानतदारों को भी नोटिस भेजे हैं। न्यायालय ने जमानतदारों को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई पर आरोपियों को अदालत में पेश करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। स्पेशल जज ईसी एक्ट सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी की अदालत में बिजली चोरी के कई मुकदमे लंबित हैं। न्यायालय के अनुसार, आरोपपत्र दाखिल होने और जमानत मिलने के बाद भी कई आरोपी लगातार सुनवाई से गैरहाजिर रहे। उन्होंने न तो स्वयं अदालत में उपस्थिति दर्ज कराई और न ही अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाजिरी माफी का कोई आवेदन प्रस्तुत किया। इस अनुपस्थिति के कारण मामलों की सुनवाई बाधित हो रही थी और पत्रावलियां आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। विद्युत विभाग की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने न्यायालय को बताया कि पूर्व में जारी वारंटों की तामील में संबंधित थानों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही थी। उन्होंने यह भी बताया कि कई मामलों में न तो आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और न ही तामील संबंधी रिपोर्ट न्यायालय को उपलब्ध कराई गई, जिससे मुकदमों के निस्तारण में देरी हो रही थी। अदालत ने जिन सात आरोपियों के खिलाफ बिना जमानती वारंट जारी किए हैं, उनमें सर्वेश कुमार, प्रहलाद, एजाज अहमद, रणवीर, नाजम मोहम्मद, जिलेदार और अनीता शामिल हैं। उनके जमानतदारों को भी नोटिस जारी कर आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की चेतावनी दी गई है। न्यायालय ने सभी मामलों में अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई 2026 की तारीख तय की है। अदालत की इस कार्रवाई को बिजली चोरी के मामलों में न्यायिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने बताया कि न्यायालय लगातार अनुपस्थित रहने वाले आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम उठा रहा है, ताकि लंबित मामलों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
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मैनपुरी में बिजली चोरी के 7 आरोपियों पर कोर्ट सख्त:लगातार अनुपस्थित रहने पर NBW जारी, जमानतदारों को भी नोटिस