50 हजार का इनामी अपहरण का आरोपी गाजियाबाद से गिरफ्तार:डेढ़ साल से था फरार, संपत्ति कुर्क की जा चुकी है


लखनऊ में फिरौती के लिए अपहरण के मामले में डेढ़ साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी आरोपी को स्वाट/सर्विलांस टीम और चिनहट पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत ने मफरूर घोषित किया जा चुका था और उसकी संपत्ति भी कुर्क की गई थी। एडीसीपी क्राइम क्राइम किरण यादव ने बताया 21 अगस्त 2024 को अयोध्या निवासी कर्मवीर सिंह ने चिनहट थाने में फिरौती मांगने के उद्देश्य से अपहरण किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने जांच के दौरान रविंदर सिंह और जिशान अहमद उर्फ अहमद कलाम को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वांछित आरोपी मनोज वर्मा को 12 अक्टूबर 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। मामले का मुख्य आरोपी संजय लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी कराया। साथ ही 11 नवंबर 2025 को उसकी अचल संपत्ति कुर्क की गई। बाद में अदालत ने उसे मफरूर घोषित करते हुए स्थायी वारंट जारी किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर लगातार टीमें लगी हुई थीं। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। आखिरकार स्वाट/सर्विलांस टीम और चिनहट पुलिस ने दैनिक भास्कर शैली में खबर: 50 हजार का इनामी अपहरण आरोपी गाजियाबाद से गिरफ्तार, डेढ़ साल से था फरार लखनऊ। फिरौती के लिए अपहरण के मामले में डेढ़ साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को स्वाट/सर्विलांस टीम और चिनहट कोतवाली पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत द्वारा मफरूर घोषित किया जा चुका था और उसकी संपत्ति भी कुर्क की गई थी। पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त 2024 को अयोध्या निवासी कर्मवीर सिंह ने चिनहट थाने में फिरौती मांगने के उद्देश्य से अपहरण किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने जांच के दौरान रविंदर सिंह और जिशान अहमद उर्फ अहमद कलाम को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वांछित आरोपी मनोज वर्मा को 12 अक्टूबर 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। मामले का मुख्य आरोपी खुटहन जौनपुर निवासी संजय (30) लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी कराया। साथ ही बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा और धारा 85 के तहत 11 नवंबर 2025 को उसकी अचल संपत्ति कुर्क की गई। बाद में अदालत ने उसे मफरूर घोषित करते हुए स्थायी वारंट जारी किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर लगातार टीमें लगी हुई थीं। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। आखिरकार स्वाट/सर्विलांस टीम और चिनहट पुलिस ने उसे इंडस्ट्रियल एरिया बस स्टॉप गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

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