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छावनी परिषद के सीएबी स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक निजी प्रकाशन की किताबों से पढ़ाई का मामला सामने आया है। स्कूल के एक पूर्व अध्यापक की शिकायत के बाद डीआईओएस द्वारा कराई गई जांच में इसकी पुष्टि भी हुई है। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुष्टि होने के बावजूद प्रधानाचार्य और अन्य स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यह मामला सदर बाजार क्षेत्र स्थित सीएबी इंटर कॉलेज का है, जिसका संचालन कैंट बोर्ड करता है। स्कूल के पूर्व अध्यापक हिमांशु आर्य ने दो साल पहले नौकरी छोड़ने के बाद कैंट बोर्ड में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य विनोद कौशिक आर्थिक लाभ के लिए कक्षा 6 से 12 तक निजी प्रकाशन की किताबें लगवा रहे हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई का नियम है। निजी प्रकाशन से कमीशन लेने का आरोप प्रधानाचार्य विनोद कौशिक ने इस संबंध में बताया कि निजी प्रकाशन की किताबों से पढ़ाई की यह व्यवस्था उनके कार्यकाल से पहले से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में भी आया है। चूंकि वर्तमान सत्र शुरू हो चुका है, इसलिए अभी किताबें बदलने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड को किताबों के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है और आगामी सत्र में निजी प्रकाशन की किताबें हटा दी जाएंगी। प्रधानाचार्य पर नियम विरुद्ध प्रमोशन लेने का आरोप शिकायतकर्ता हिमांशु आर्य ने प्रधानाचार्य विनोद कौशिक की एमएससी डिग्री में भी कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में भी शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी जांच की जा रही है। उनका कहना है कि स्कूल में जॉइनिंग के बाद विनोद कौशिक ने एमएससी की हैं। ऐसे में यदि वे नौकरी कर रहे थे तो कॉलेज कैसे जाते थे। इस संबंध में भी विनोद कौशिक ने कहा कि पूर्व में भी शिकायत की गई थी। उस समय कैंट बोर्ड द्वारा जांच कराई गई थी। जिसमें इस आरोप को निराधार बताया गया था।
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छावनी परिषद स्कूल में निजी प्रकाशन की किताबों से पढ़ाई:पूर्व शिक्षक की शिकायत; प्रिंसिपल बोले- पहले से चल रही व्यवस्था