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उन्नाव प्रशासन ने अवैध खनन, बिना वैध प्रपत्रों के खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के निर्देश और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पर्यवेक्षण में गठित जनपद स्तरीय टास्क फोर्स ने तड़के सुबह चार बजे से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जिला खनन अधिकारी मनीष यादव ने बताया कि कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हसनगंज तहसील क्षेत्र के अजगैन थाना अंतर्गत इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास वाहनों की जांच की गई। इस दौरान 26 वाहन बिना वैध परिवहन प्रपत्रों के संचालित होते पाए गए। कुछ वाहनों में अभिवहन प्रपत्र में अंकित मात्रा से अधिक खनिज सामग्री भी लदी मिली। इन सभी वाहनों के विरुद्ध भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के ऑनलाइन ऐप के माध्यम से ई-नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने भी संयुक्त रूप से कार्रवाई की। ओवरलोडिंग और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत संबंधित वाहनों के चालान किए गए और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की गई। इसके अतिरिक्त, बीघापुर तहसील के बारासगवर थाना क्षेत्र में भी तीन वाहनों को नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर खनन एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल 335 वाहनों की जांच की। इस व्यापक अभियान के तहत कुल 29 वाहनों के विरुद्ध खनन एवं परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप लगभग 25 लाख रुपये का राजस्व सरकार के खाते में जमा कराया गया।
इस अभियान में पीटीओ उन्नाव, खान निरीक्षक और संबंधित थाना क्षेत्रों का पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन, बिना अनुमति खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। प्रशासन की इस कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों और खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व क्षति पहुंचाने वालों और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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