वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर7 मिनट पहले
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उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा विवादों में घिर गई है। परीक्षा की पहली पाली के सामान्य हिंदी प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला व्यक्ति’ के लिए दिए गए विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द को शामिल किया गया है।
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने तत्काल नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाना अस्वीकार्य है। सरकार ने इस मामले का गंभीर संज्ञान लिया है और तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद हरेंद्र मलिक ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार की ऐसी मानसिकता को दर्शाता है जो धर्म या जाति के नाम पर समाज को बांटती है। सांसद मलिक ने इसे सभी सनातनियों और शिक्षित वर्ग का अपमान बताया।
सांसद मलिक ने ‘पंडित’ शब्द के अर्थ पर जोर देते हुए कहा कि यह ब्राह्मण, विद्वान और सर्वज्ञाता को संदर्भित करता है, जिनकी आवश्यकता जन्म से लेकर मृत्यु तक पड़ती है। उन्होंने इस कृत्य को निंदनीय बताते हुए जिम्मेदार अधिकारी की पहचान कर उसे दंडित करने या सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जाति का अपमान संवैधानिक नहीं है और सरकार का दायित्व है कि वह समाज में सद्भाव बनाए रखे। परीक्षा बोर्ड ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया की गहन समीक्षा की जा रही है।
