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नई दिल्ली3 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाईकोर्ट्स को निर्देश दिया है कि किसी भी मामले का फैसला रिजर्व रखने के बाद उसे 3 महीने में सुना दिया जाए। CJI सूर्यकांत ने कहा कि फैसलों में देरी होने से जो नुकसान होता है, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती।
बेंच ने कहा कि जमानत याचिकाओं के आदेश भी उसी दिन सुनाए जाने चाहिए। अगर उन्हें फैसला रिजर्व रखा जाता है, तो उन्हें अगले दिन जरूर सुनाया और अपलोड किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के 4 निर्देश…
- जमानत याचिका पर आदेश उसी दिन सुनाया जाए
- अगर आदेश रिजर्व रखा गया है, तो अगले दिन तक अपलोड किया जाए
- बेल या सजा निलंबन का आदेश तुरंत जेल प्रशासन को भेजा जाए
- आरोपी या कैदी को संभव हो तो उसी दिन, नहीं तो अगले दिन तक रिहा किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा केस पेंडिंग
सुप्रीम कोर्ट में इस समय 92,385 पेंडिंग मामले हैं। कोविड के बाद ई-फाइलिंग बढ़ने से मामलों की संख्या लगातार बढ़ी है। केंद्र सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में बताया था कि देशभर के कोर्ट में कुल 5.49 करोड़ से ज्यादा केस पेंडिंग हैं। इसमें 90,897 मामले सुप्रीम कोर्ट और देश के 25 हाईकोर्ट में 63,63,406 मामले पेंडिंग थे।
