![]()
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खकनार थाना क्षेत्र से लापता हुई आदिवासी युवती शिवानी जिंदा मिल गई है, जबकि महाराष्ट्र पुलिस ने जलगांव जामोद में मिली एक जली हुई लाश को शिवानी की बताकर उसके पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों 22 दिनों से जेल में बंद हैं। अब शिवानी के जिंदा मिलने के बाद पूरा मामला पलट गया है और महाराष्ट्र पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने बताया कि शिवानी 24 अप्रैल को लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर 1 मई को खकनार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान पता चला कि क्षेत्र का ही एक युवक अर्जुन भी लापता है। दोनों के साथ रहने की जानकारी सामने आई। अर्जुन की गुमशुदगी 9 मई को दर्ज की गई थी। महाराष्ट्र में मिली जली लाश, पुलिस ने शिवानी की मान ली इसी दौरान महाराष्ट्र के जलगांव जामोद क्षेत्र में एक युवती की सिर कटी और जली हुई लाश मिली, जिसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। सीसीटीएनएस पर दर्ज गुमशुदगी के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस बुरहानपुर पहुंची। खकनार पुलिस से जानकारी लेने के बाद उस अज्ञात शव को शिवानी मान लिया गया। इसके बाद शिवानी के पिता बापूराव और भाई अजय को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर बुलढाणा जेल भेज दिया गया। पिता-भाई की गिरफ्तारी का पता चला तो सामने आई शिवानी मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब शिवानी को पता चला कि उसके पिता और भाई उसकी हत्या के आरोप में जेल में हैं। इसके बाद उसने परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलते ही खकनार पुलिस ने शिवानी और अर्जुन को खोज निकाला। शिवानी ने पुलिस को बताया कि वह 24 अप्रैल को अर्जुन के साथ चली गई थी और दोनों जिंदा हैं। उसने कहा कि वह अपने पिता और भाई को जेल से छुड़ाना चाहती है। थम इंप्रेशन और सरकारी आईडी से हुई पहचान, पिता की होगी रिहाई टीआई के अनुसार, शिवानी की पहचान थम इंप्रेशन और सरकारी पहचान पत्रों के जरिए की गई। परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर पुष्टि की गई कि वह शिवानी ही है। बुधवार रात महाराष्ट्र पुलिस शिवानी और अर्जुन को अपने साथ जलगांव जामोद ले गई। अब उसके पिता और भाई की रिहाई की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जली हुई लाश किसकी थी? नए सिरे से होगी जांच शिवानी के जिंदा सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि महाराष्ट्र में मिली सिर कटी और जली हुई लाश आखिर किसकी थी? खकनार पुलिस का कहना है कि अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच होगी और अज्ञात शव की पहचान के साथ पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जाएगी।
Source link
मैं जिंदा हूं…मेरे पिता और भाई को बख्श दो:33 दिन बाद युवती आई सामने; महाराष्ट्र पुलिस ने जली लाश बता बाप-बेटे को भेजा था जेल