मुंबई9 मिनट पहले
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रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एआई-फ्रेंडली कंज्यूमर बेस बहुत बड़ा है। लेकिन भारतीय मिडिल क्लास में नौकरियों पर एआई के असर को लेकर गहरी चिंता भी है।- फाइल फोटो
ब्रांड बाजार के लिए 2026 ऐतिहासिक साल बन गया है। दुनिया के शीर्ष 100 ब्रांड्स की कुल वैल्यू 13 ट्रिलियन डॉलर (1,244 लाख करोड़ रुपए) पार निकल गई। यह 22% बढ़ा, लेकिन तरक्की समान नहीं रही। एआई की लहर पर सवार ब्रांड्स ने रिकॉर्ड तोड़े, पर टॉप-5 में बड़ा उलटफेर हुआ। चार साल से नंबर पर एक काबिज एपल से यह ताज गूगल ने छीन लिया। गूगल की ब्रांड वैल्यू 57% बढ़ी, जबकि एपल की 6% ही बढ़ पाई। भारतीय कंपनी टीसीएस की ब्रांड वैल्यू तो 43% घट गई।
पहली बार एक साथ 4 ब्रांड 1 ट्रिलियन डॉलर पार
रैंक – ब्रांड – वैल्यू – बढ़ोतरी
1 – गूगल – 142 – 57%
2 – एपल – 132 – 6%
3 – माइक्रोसॉफ्ट – 106 – 26%
4 – अमेजन – 98 – 18%
5 – एनवीडिया – 78 – 60%
6 – फेसबुक – 35 – 22%
7 – इंस्टाग्राम – 27 – 25%
8 – टेंसेट – 24 – 45%
9 – ओरेकल – 23 – 10%
10 – मैक्डोनल्ड्स – 23 – 6%
(ब्रांड वैल्यू लाख करोड़ रु. में, वृद्धि 2025 के मुकाबले।)
– चैटजीपीटी की ब्रांड वैल्यू में 1 साल में 285% बढ़कर ~16 लाख करोड़ हो गई। यह किसी कंपनी की सबसे तेज रफ्तार है।
– क्लॉड पहली बार इस क्लब में (27वें) शामिल हुआ। ~9.2 लाख करोड़ की ब्रांड वैल्यू के साथ किसी नए ब्रांड के लिए इस ऊंचाई पर सीधी एंट्री असाधारण है।
लग्जरी की चमक फीकी, चीन की वापसी
– लुई वितां की वैल्यू 22% घटी और यह 15 पायदान नीचे खिसककर 32वें स्थान पर आ गया। शनेल 15% गिरा और 9 पायदान नीचे 51वें स्थान पर रहा।
– चीन के अलीबाबा की ब्रांड वैल्यू 51%, एग्री बैंक ऑफ चाइना की 54% बढ़ी। शाओमी ब्रांड की वैल्यू में 48% इजाफा हुआ। टेनसेंट की वापसी ‘एआई-ड्रिवन कमबैक फॉर चाइनीज टेक’ ब्रांड्स का हिस्सा है।
भारत के लिए एआई मौका और चुनौती दोनों
कैंटा ब्रांड्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एआई-फ्रेंडली कंज्यूमर बेस बहुत बड़ा है। लेकिन भारतीय मिडिल क्लास में नौकरियों पर एआई के असर को लेकर गहरी चिंता भी है। यही वजह है कि टीसीएस जैसी कंपनियों के लिए चुनौती बढ़ गई है।
भारतीय ब्रांड – एयरटेल टॉप गेनर, रैंकिंग बढ़ी
3 भारतीय
ब्रांड्स -ब्रांड – एयरटेल – एचडीएफसी – टीसीएस
ग्लोबल – रैंक – 62 – 63 – 82
टॉप-100 – वैल्यू – 4.56 – 4.55 – 3.10
में शामिल – बदलाव – 28% – 6% – 43%
(वैल्यू लाख करोड़ रुपए में)
भारत के लिए एआई मौका और चुनौती दोनों
– एयरटेल 4 पायदान चढ़कर 62वें स्थान पर आ गया। एचडीएफसी बैंक की ब्रांड वैल्यू सिर्फ 6% बढ़ पाई।
– टीसीएस अब भी सबसे आगे है, लेकिन इसकी वैल्यू 43% गिरकर 3.1 लाख करोड़ रु. रह गई। यह रिपोर्ट में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। एक्सेंचर की वैल्यू भी 56% घटी है।
