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नोएडा के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जल्द ही शहर में इलेक्ट्रिक एसी सिटी बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। शासन स्तर पर हुई प्रस्तुति के बाद अब नोएडा प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के साथ समझौता कर दो चरणों में 100 सिटी बसें चलाने की तैयारी तेज कर दी है। संभावना है कि 10 जून से पहले चरण की बसें सड़कों पर उतर जाएंगी। प्राधिकरण और निजी कंपनियों की ओर से 100-100 इलेक्ट्रिक एसी बसों के संचालन का प्रस्ताव शासन को दिया गया था। समीक्षा में पाया गया कि निजी कंपनियों के मुकाबले परिवहन निगम का मॉडल काफी किफायती है। निजी कंपनियों के प्रस्ताव में प्रति माह किराया और वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) करीब 2.18 करोड़ रुपये आंका गया, जबकि परिवहन निगम के प्रस्ताव में यह खर्च करीब 1.19 करोड़ रुपये अनुमानित है। यानी निजी कंपनियों का मॉडल लगभग 83 प्रतिशत अधिक महंगा साबित हुआ। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने कहा कि शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना बेहद जरूरी है। शासन स्तर पर प्रस्तुति दी जा चुकी है और जल्द ही परिवहन निगम के साथ एमओयू कर बस संचालन शुरू कराया जाएगा। निजी कंपनियों ने मांगा समय
इसके अलावा निजी कंपनियों ने बस संचालन शुरू करने के लिए तीन से चार महीने का समय मांगा, जबकि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने 10 जून से सेवा शुरू करने की तैयारी जताई है। इसी कारण प्राधिकरण ने परिवहन निगम के साथ एमओयू करने का फैसला लिया है। 6 और 9 मीटर की होगी बस
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार शहर की आबादी 10 से 12 लाख के बीच पहुंच चुकी है। मेट्रो सेवा के बावजूद शहर के अंदर बेहतर सार्वजनिक परिवहन की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए 6 मीटर और 9 मीटर लंबाई की इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जाएंगी, जिससे सेक्टरों और प्रमुख मार्गों पर लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में पहले से सिटी बस सेवा संचालित हो रही है। गाजियाबाद में 50, कानपुर और लखनऊ में 100-100, जबकि वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर और बरेली में 50-50 सिटी बसें चल रही हैं। अब नोएडा भी इसी श्रेणी में शामिल होने जा रहा है।
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नोएडा में 10 जून से चलेंगी 100 सिटी बस:लखनऊ में हुआ था प्रजेंटेशन, परिवहन निगम करेगा संचालन, वीजीएफ में होगा फायदा