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मेरठ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह के छह सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इन आरोपियों पर भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने का आरोप है। सभी छह आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं, जिन पर साइबर थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का सरगना आसिफ उर्फ सिप्पा है, जो मुजफ्फरनगर के ग्राम तावली का निवासी है। गिरोह के अन्य सदस्यों में मुजफ्फरनगर के तावली निवासी जमीर उर्फ जमील, मथियाली निवासी तालिब और तावली निवासी नौशाद शामिल हैं। इसके अलावा, गाजियाबाद के पसौंडा निवासी अकबर और तासिन अली भी इस गिरोह का हिस्सा हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ग्रामीणों को प्रधानमंत्री योजनाओं और कमीशन का लालच देता था। इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। गिरोह एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर इन खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी के लिए करता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के विभिन्न बैंक खातों में करोड़ों रुपये का लेनदेन पाया गया है। मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ सिप्पा की फर्जी फर्म “एसआर चौधरी गारमेंट” के खातों में लगभग 5.14 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया है। इसके अतिरिक्त, उसके इंडसइंड बैंक खाते में 1.26 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में लगभग 1.99 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन मिला है। आरोपी तालिब की फर्म “टीएस गारमेंट” और नौशाद की फर्म “एनएस रेडीमेड गारमेंट” के खातों में भी करोड़ों रुपये का लेनदेन सामने आया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 82 एटीएम कार्ड, 14 सिम कार्ड, 9 चेकबुक और 5 पासबुक बरामद की हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह देशभर में साइबर अपराधों को अंजाम देकर रकम को विदेशी साथियों तक पहुंचा रहा था। सभी आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
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मेरठ में अंतरराज्यीय साइबर ठगों पर गैंगस्टर एक्ट:जेल में बंद 6 आरोपियों ने की थी करोड़ों की ठगी