Bulandshahr Urea Black Marketing | Minister Intervention Stops Officer Suspension

पुनीत कुमार शर्मा | बुलंदशहर3 मिनट पहले

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बुलंदशहर में यूरिया कालाबाजारी मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, एक जिला स्तरीय अधिकारी के निलंबन की तैयारी पूरी हो चुकी थी और फाइल भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन अंतिम समय में एक मंत्री के हस्तक्षेप के कारण कार्रवाई रोक दी गई। इस घटना से पूरे मामले पर सवाल उठ रहे हैं।

यह उल्लेखनीय है कि दो सप्ताह पहले अनूपशहर क्षेत्र में कालाबाजारी के लिए ले जाई जा रही 1575 कट्टे यूरिया पकड़ी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि खाद को गोदाम तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही दूसरे वाहनों में भरकर अन्य जिलों में भेजा जा रहा था।

इस मामले में जिला प्रबंधक, गोदाम प्रभारी और अकाउंटेंट सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान एक बड़े अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की तैयारी शुरू की गई। हालांकि, अंतिम समय में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण यह कार्रवाई रोक दी गई।

हाईकोर्ट में याचिका दायर

बताया जा रहा है कि मामले के आरोपी अकाउंटेंट और उनके भाई को एक प्रदेश स्तरीय भाजपा नेता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह भी चर्चा है कि आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी और कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से लंबे समय से खाद की कालाबाजारी चल रही थी। किसानों का कहना है कि वे खाद के लिए दुकानों पर भटकते रहे, जबकि यूरिया को दूसरे जिलों में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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