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बिजनौर में आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन लाभार्थियों और आशा कार्यकर्ताओं के साथ डॉक्टरों द्वारा कथित दुर्व्यवहार और शोषण के आरोपों के विरोध में किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 19 मई को सीएचसी हल्दौर में आयोजित नसबंदी शिविर के दौरान लाभार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। आशा कार्यकर्ताओं के अनुसार, डॉक्टर ने महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ी। आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि नसबंदी प्रक्रिया के दौरान डॉ. जितेंद्र और डॉ. राजीव द्विवेदी ने ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में बाहरी पुरुषों को बुलाया। उन्होंने एसी उतारने के बहाने लाभार्थियों का मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें सीएचसी पर लगातार परेशान किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने इस ज्ञापन की प्रतियां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी हैं। उन्होंने आशाओं और लाभार्थियों के शारीरिक व मानसिक शोषण को तुरंत रोकने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सीएचसी हल्दौर की व्यवस्था में सुधार करने और डॉक्टरों को उनके पदों से हटाने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में सुमन, उमा, सुदेश, अर्चना, मिथिलेश, तबस्सुम, पंकज देवी, पुष्पा देवी, रश्मि, नीता देवी, कविता, विनोद, सरिता, पूनम, राखी, वसीम, रेखा, सोनिका, सीता, शीतल, गीता शर्मा, रीना, नसरीन, ममता चौधरी, लोकेश, नीतू शर्मा सहित सैकड़ों आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं।
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आशा वर्कर्स ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप:कहा- कैंप में आपत्तिजनक शब्द बोले गए, हमें शर्मिदंगी हुई, पद से हटाने की मांग