टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं


टेनिस कोर्ट पर दुनिया की दिग्गजों को धूल चटाने वाली और महिला अधिकारों की वैश्विक प्रतीक बिली जीन किंग ने सोमवार को इतिहास रच दिया। इस बार उन्होंने हाथ में टेनिस रैकेट लेकर नहीं, बल्कि दीक्षांत समारोह के मंच पर अपनी डिग्री थामकर हवा में हाथ लहराया। 82 वर्ष की उम्र में किंग ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिलिस से इतिहास विषय में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी कर ली है। उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी में 1961 में पहली बार एडमिशन लिया था। डिग्री लेने के बाद भावुक अमे​रिकी खिलाड़ी किंग ने कहा, ‘आपकी उम्र चाहे जो हो, आपकी क्षमताएं चाहे जो हों- पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती। अगर आप कुछ चाहते हैं, तो उसके लिए जरूर आगे बढ़ें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यह डिग्री मेरे लिए मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा मायने रखती है। मुझे बेहद खुशी है कि मैंने इसे पूरा किया। मेरी अब यही उम्मीद है कि मुझे देखकर कम से कम कोई एक व्यक्ति वापस स्कूल या कॉलेज जाने का फैसला करे।’ किंग ने अपने पुराने दिनों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया, ‘1961 में महिलाओं के लिए खेल के आधार पर कोई वित्तीय सहायता या स्कॉलरशिप उपलब्ध नहीं थी। जबकि मेरे पुरुष मित्र आर्थर ऐश और स्टैन स्मिथ को यूनिवर्सिटी टीमों में खेलने के लिए पूरी स्कॉलरशिप मिली हुई थी।’ इसी भेदभाव ने किंग को जीवन भर समानता के लिए लड़ने की प्रेरणा दी। बिली जीन किंग ने 1961 में कॉलेज में दाखिला लिया था। दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने और 39 ग्रैंड स्लैम जीतने के सफर के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने 1973 के ऐतिहासिक ‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ मैच में बॉबी रिग्स को हराकर महिला टेनिस को नई पहचान दी थी।
बिली जीन किंग के ग्रेजुएशन गाउन पर लिखा था ‘G.O.A.T.’ दीक्षांत समारोह के दौरान बिली जीन किंग का ब्लैक ग्रेजुएशन गाउन खास था। उनके एक करीबी दोस्त ने उनके लिए एक गोल्ड ग्रेजुएशन स्टोल तैयार किया था। इसके एक तरफ उनके नाम के शुरुआती अक्षरों के साथ ‘G.O.A.T.’ (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) लिखा था, जबकि दूसरी तरफ एक रंग-बिरंगा टेनिस रैकेट कढ़ाई से उकेरा गया था। किंग ने 2 साल पहले संकल्प लिया था कि वह अपनी अधूरी पढ़ाई उसी कॉलेज से पूरी करेंगी, जहां फिजिकल एजुकेशन बिल्डिंग के बाहर उनकी कांस्य की आदमकद मूर्ति लगी हुई है। वह अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्य हैं, जिन्होंने कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।

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