सैलून मैनेजर की बहन बोली हमारे परिवार को खतरा:वीडियो बनाकर सुसाइड करने का मामला, मुख्य आरोपी पत्नी और सहयोगी अब भी फरार


लखनऊ में सैलून मैनेजर की आत्महत्या के मामले में बहन ने एक वीडियो जारी करके परिवार पर खतरे की आशंका जताई है। उसका कहना है कि बहन पॉवरफुल लोगों की प्रताड़ना का शिकार हुई है। वहीं मामले में पुलिस अब तक पांच में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि मुख्य आरोपी शरद की पत्नी पल्लवी व वैशाली अभी भी फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पहले रतना की बहन ने क्या कहा उसे सुनिए… मैं रतना सिंह की बहन प्रिया सिंह उन लड़कियों के लिए बोल रही हूं जो पावरफुल लोगों की प्रताड़ना का शिकार हुई हैं। रतना बहुत मजबूत और जिंदादिल लड़की थी। वो जीना चाहती थी। अपने सपने पूरा करने चाहती थी। बिजनेस चालू करने वाली थी। लेकिन कुछ लोगों ने उसे इतना परेशान किया कि उसको आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। सच काहू इसको सुसाइड कहना गलत होगा। ये एक प्लांड मेंटल मर्डर है। बहन ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था। जिसमें उसने शरद, पल्लवी, वैशाली, मंगल और प्रशांत का नाम लिया था। उसके लिए मैंने एक वीडियो बनाई थी जिसमें इंस्टाग्राम पर अपलोड किया जिससे घटना ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और जस्टिस मिले। सोमवार रात वो वीडियो इंस्टाग्राम से हटा दी गई। इसके पीछे का रिजन नहीं पता। हम लोगों को बहुत खतरा है, घटना के बाद से मां सुधबुध खोकर रह रही है। उन्होंने 9 महीने तक पेट में पालकर रखा। उसे इस स्थिति में देखने के बाद उन्हें कोई होश नहीं है। पिता सब कुछ छोड़कर इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। हम लोग टूट रहे हैं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी है। हमें सरकार पर पूरा भरोसा है कि पूरी सच्चाई की जांच होगी। क्या था मामला मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली रतना सिंह (32) लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार विस्ता अपार्टमेंट में रहती थी। लखनऊ के सैलून में मैनेजर के पद पर काम कर रही थी। 12 मई देर रात उसने अपनी एक दोस्त को फोन करके आत्महत्या करने की बात कही। जिस पर उसकी दोस्त ने पुलिस को सूचना दी। रात करीब 3 बजे पुलिस टीम अपार्टमेंट पहुंची। जहां फ्लैट अंदर से बंद मिला। पुलिस ने काफी दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। इस पर पुलिस दरवाजा तोड़कर फ्लैट के अंदर गई तो युवती पंखे के सहारे फंदे से लटकी हुई थी। सीएम की फटकार के बाद हुआ था एक्शन रत्ना के पिता सुधीर सिंह ने 5 लोगों पर नामजद FIR कराई थी। कार्रवाई न होती देख 15 मई को सीएम योगी से मुलाकात की। उन्होंने 16 मई को एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि शरद अपने रसूख का इस्तेमाल कर बचता फिर रहा है। केस दर्ज करने के बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। मैंने सीएम से गुहार लगाई है। उन्होंने न्याय का भरोसा दिया है। सीएम योगी से पीड़ित परिवार की मुलाकात के बाद मामले में ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हुआ। आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। उनकी तलाश के लिए छह टीमें बनाई गईं। इसके बाद शरद सिंह और प्रशांत शर्मा को गिरफ्तार किया गया। वहीं मंगलनाथ यादव को पुलिस पहले पकड़ चुकी थी। मामले में मुख्य आरोपी की पत्नी पल्लवी जोशी और वैशाली अभी भी फरार हैं। जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

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