26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने यूपी के सीएम जगदलपुर पहुंचे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय बस्तर दौरे का आज दूसरा दिन है। शाह आज जगदलपुर के एक निजी होटल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बस्तर के इतिहास में पहली बार इस स्तर की हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की जा रही है।
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इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सोमवार रात को ही जगदलपुर पहुंच चुके थे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह पहुंचे हैं।

जगदलपुर एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरणदेव सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया।

सुरक्षा से विकास तक बदलती तस्वीर दिखाने की कोशिश
बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा के कारण देशभर में चर्चा का केंद्र रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार की यहां क्षेत्रीय परिषद की बैठक करवाना केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संदेश भी है।
इससे यह बताने की कोशिश है कि बस्तर अब सिर्फ नक्सल प्रभावित इलाका नहीं, बल्कि विकास और प्रशासनिक गतिविधियों का नया केंद्र बन रहा है।
जिस इलाके में कभी बड़े नेताओं के दौरे सुरक्षा कारणों से सीमित रहते थे, वहां अब चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई और सरकार की रणनीति से हालात में बदलाव आया है।

बस्तर दौरे के दूसरे दिन नेतानार में लोगों का अभिवादन करते हुए अमित शाह।
नक्सलवाद पर सख्त संदेश देने की तैयारी
गृह मंत्री लगातार यह कह चुके हैं कि केंद्र सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए निर्णायक रणनीति पर काम कर रही है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई है और कई बड़े नक्सली कमांडर मारे गए या गिरफ्तार किए गए हैं।
31 मार्च 2026 को बस्तर को नक्सलवाद मुक्त घोषित कर दिया गया है।

सोमवार को अमित शाह जगदलपुर के आसना में स्थित बादल अकादमी पहुंचे थे।
विकास, समन्वय और सीमावर्ती मुद्दों पर होगी चर्चा
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्यों के बीच आपसी समन्वय, कानून व्यवस्था, सीमा विवाद, परिवहन, बिजली, जल संसाधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
खासकर नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में संयुक्त रणनीति और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर भी फोकस रह सकता है।

अमित शाह ने पुलिस अधिकारियों का सम्मान किया।
बस्तर को नई पहचान देने की कोशिश
गृह मंत्री के दौरे और परिषद की बैठक को बस्तर की नई छवि से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि अब बस्तर केवल संघर्ष की पहचान नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन, निवेश, विकास और प्रशासनिक गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में उभरेगा।
यही वजह है कि बैठक के बाद गृह मंत्री का मीडिया से संवाद भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे केंद्र सरकार बस्तर को लेकर अपना विजन सामने रख सकती है।
गुंडाधुर की धरती बनेगी तीर्थस्थल
बता दें कि बस्तर दौरे के पहले दिन यानी सोमवार को अमित शाह ने कहा था कि बस्तर के लोगों का 50 सालों में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हम 4-5 सालों में करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब तक बस्तर विकसित नहीं होगा, तब तक हमारा संकल्प अधूरा रहेगा।
आज (18 मई) का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पिछले 6 महीनों के काम के बाद अब यह पूरा क्षेत्र आदिवासियों से भरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी धरा से अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ने का काम अमर शहीद गुंडाधुर ने किया था।
शाह ने कहा कि एक दौर वह भी था जब यहां एक साथ 6 पुलिसवालों की हत्या कर दी जाती थी, स्कूल उजाड़ दिए जाते थे और गरीबों का राशन तक छीन लिया जाता था। नक्सलियों का खौफ ऐसा था कि वे मासूम बच्चों को उनके बचपन में ही जबरन उठा ले जाते थे।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि अब सरकार ने कड़े कदम उठाकर बस्तर से इस गनतंत्र को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही अब इस ऐतिहासिक धरती को एक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है।

वर्चुअल हो सकती थी बैठक, लाखों रुपए क्यों फूंके जा रहे- बैज
बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को लेकर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश से आह्वान कर रहे है कि वर्कफ्रॉम होम करें, पेट्रोल-डीजल बचाएं। अब उनके ही गृहमंत्री, मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं मान रहे।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक वर्चुअल क्यों नहीं की गई, जबकि सभी मुख्यमंत्री सचिवालय और गृह मंत्रालय के पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, चार राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि बस्तर आएंगे। सब अलग-अलग विशेष विमान से आएंगे, लाखों रुपए खर्च होगा, डीजल-पेट्रोल तथा विमान का ईंधन खर्च होगा। यह बैठक तो वर्चुअल हो सकती थी।
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नेतानार में गुंडाधुर के परिजनों से मिले अमित शाह।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नक्सलवाद खात्मे के बाद पहली बार बस्तर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों का 50 सालों में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हम 4-5 सालों में करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब तक बस्तर विकसित नहीं होगा, तब तक हमारा संकल्प अधूरा रहेगा। पढ़ें पूरी खबर…