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लखनऊ में रविवार को को ईद-उल-अज़हा (बकरीद ) का चांद नजर नही आ गया। शिया और सुन्नी दोनों में मरकज़ी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास और सुन्नी मरकज़ी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इसका ऐलान किया।दोनों ही धर्म गुरुओं ने बताया कि 17 मई को चांद नजर नहीं आया। देश के विभिन्न हिस्सों में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया मगर कहीं चांद नहीं दिखा। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि इस्लामिक महीने जिलहिज्ज की पहली तारीख 19 मई 2026 को होगी । इस प्रकार ईद-उल-अजहा (बकरा ईद) 28 मई 2026 को होगी। मौलाना ने बताया कि अरबी कैलेंडर के 12 वें महीने जिल हिज्ज में चांद होता है, जिसके बाद बकरीद मनाई जाती है। बकरीद को लेकर जल्द ही इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया की तरफ से गाइडलाइन जारी करके यह सूचना दिया जाएगा कि कौन से कार्य करने हैं और कौन से नहीं। मौलाना खालिद रशीद ने बताया कि ईदगाह ऐशबाग में सुबह 10 बजे नमाज अदा की जाएगी। सभी लोग समय से ईदगाह पहुंचे और इस्लाम के अनुसार इस त्योहार को मनाएं। मौलाना ने कहा कि यह त्योहार अपनी इच्छाओं को त्यागने का है। कुर्बानी देने का मतलब यही है कि हम मोह माया से दूर रहें और इंसानियत के लिए काम करें लोगों की भलाई करना भूखे लोगों को भोजन कराना , बीमार का इलाज कराना यह सब मानवता के दृष्टिकोण से सबसे अहम है।
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लखनऊ में नहीं दिखा बकरीद का चांद:28 मई को मनाया जाएगा बकरीद, ईदगाह ऐशबाग में 10 बजे अदा की जाएगी नमाज