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वाराणसी के दालमंडी चौड़ीकरण अभियान को स्थानीय प्रशासन और पीडब्ल्यूडी तेजी से करवा रहा है। इसी क्रम में दालमंडी में इस समय 51 मकानों पर लगातार ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा है। जिसमें कई मकान नगर निगम द्वारा अति जर्जर घोषित किए गए हैं। इनमे से 6 पर बुलडोजर और हथौड़े की कार्रवाई गुरुवार से शुरू हुई है। जिन्हे आज भी तोड़ा जाएगा। दालमंडी में जगह-जगह बैरिकेटिंग की गई है। हर बैरकेडिंग पर आरआरएफ के जवान मुस्तैद हैं। किसी को बैरकेडिंग के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मानें तो यही तक 42 करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में बांटे जा चुके हैं। कुल 70 लोगों को यह मुआवजे की राशि दी गई है। और कुल 100 से अधिक मकान पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। देखिये दालमंडी में ध्वस्तीकरण की तीन तस्वीरें… 200 मजदूर और 2 जेसीबी कर रहे ध्वस्तीकरण दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के लिए 29 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ ध्वस्तीकरण अभियान शनिवार को भी जारी रहेगा। पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटि इंजिनियर केके सिंह के अनुसार – दालमंडी में चौड़ीकरण को लेकर लगातार ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए 200 मजदूरों की टीम लगाईं गई है। जो हथौड़े से मकानों को तोड़ रही है। वहीं दो जेसीबी भी लगाईं गई है। जिनसे मकानों को तोड़कर उनका मलबा हटाया जा रहा है। आज भी तोड़े जाएंगे पुराने मकान दालमंडी में शनिवार को भी ध्वस्तीकरण अभियान जारी रहेगा। यहां पूर्व में तोड़े गए 45 मकान और गुरुवार को तोड़ना शुरू किए गए 6 अति जर्जर मकानों को आज जमीदोज किया जाएगा। ये सभी मकान नगर निगम ने अति जर्जर घोषित किए हैं। 22 मकानों की लिस्ट है। जिसमें से 6 मकानों पर कार्रवाई शुरू की गई है। अब तक 42 करोड़ दिया जा चुका मुआवजा पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह ने बताया – दालमंडी प्रोजेक्ट को तेजी से किया जा रहा है। लगातार रजिस्ट्रियां हो रही हैं। ऐसे में हम लगातर ध्वस्तीकरण का कार्य कर रहे हैं। अभी तक हमने कुल 42 करोड़ का मुआवजा बांटा है। जिनमे कुल 70 लोगों को यह मुआवजा दिया गया है। कुल 191 करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में 181 मकान मालिकों को बांटे जाने हैं। जेसीबी से उठाया जा रहा है मलबा पीडब्ल्यूडी विभाग दो जेसीबी लगाकर दालमंडी में गिरे मलबे को भी हटवा रहा है। दिन में मलबे को किनारे करवाया जा रहा है और रात में उसे ट्रैक्टर द्वारा फेंका जा रहा है। ताकि दालमंडी में आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। फिर भी दालमंडी में अभी मलबे का अंबार लगा हुआ है। तैनात है आरआरएफ पूरी दालमंडी में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और ध्वस्तीकरण का काम चल रहा है। बैरिकेडिंग के हर पॉइंट पर आरआरएफ के जवान तैनात हैं। जो किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। ये सभी जवान सुबह ध्वस्तीकरण शुरू होने से लेकर शाम के 5 बजे तक बैरिकेडिंग पर ड्यूटी कर रहे हैं।
अब जानिए क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट पीएम ने रखी थी प्रोजेक्ट की आधारशिला वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे।
60 फुट चौड़ी होगी सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा।
220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू हुई और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी हैं। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 60 से अधिक मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। धीरे-धीरे मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।
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