एडीए ने 4 अवैध निर्माणों पर लगाई सील:मानचित्र स्वीकृत कराए बिना बनाए जा रहे फ्लैट, मकान पर कार्रवाई


आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे फ्लैट और मकान को एडीए ने शुक्रवार को सील कर दिए। एक ही दिन में 4 अवैध निर्माण सीलिंग की कार्रवाई होने से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
शु्क्रवार को एडीए ने हरीपर्वत और ताजगंज वार्ड में ये कार्रवाई कीं। दोनों ही वार्डों में 2-2 अवैध निर्माण सील किए गए। एडीए की टीम ने यहां की कार्रवाई
पहली कार्रवाई ताजगंज प्रथम वार्ड में की। नंद किशोर द्वारा इटौरा मार्ग, जखोदा, रोहता नगर, कृष्णा गार्डन कॉलोनी में सामने ताजगंज वार्ड-1 तथा मनोज चाहर द्वारा इटौरा रोड, जखोदा, रोहता नगर ताजगंज-1 वार्ड में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माणों को उत्तर प्रदेश योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-28क(1) के अंतर्गत सील किया गया।
दूसरी कार्रवाई हरीपर्वत वार्ड में की। विजय गुप्ता द्वारा सीताराम कॉलोनी के सामने, ब्लकेश्वर रोड, दयालबाग, वार्ड हरीपर्वत-1 तथा दीक्षा यादव द्वारा भूखंड संख्या 27/95/5-ए, खसरा नंबर 1783/1, 1787 नगला धनी पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए निर्माणों को सील किया गया। बता दें कि अवैध निर्माणों को लेकर एडीए सख्त हो गया है। दो दिन पहले ताजगंज वार्ड-2 के अंतर्गत 125 फीट रोड, मौजा लकावली में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया था। यहां रमेश और अजय द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। खसरा संख्या-15 और 16 पर अवैध रूप से प्लॉटों की बाउंड्री कर दी गई थी। इसके साथ ही अवैध रूप से सड़क भी बना दी गई थी।
एडीए की टीम को जब इस अवैध कॉलोनी के बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माणकर्ताओं से निर्माण के संबंध में स्वीकृत मानचित्र दिखाने को कहा। मगर, मौके पर मौजूद लोगों में से कोई भी व्यक्ति स्वीकृत मानचित्र नहीं दिखा सका। इस पर उन्होंने नोटिस दे दिया। इसके बाद भी निर्माणकर्ता एक भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इस पर सोमवार को एडीए की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची। उन्होंने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कुछ लोगों ने विरोध की कोशिश की लेकिन एडीए की टास्क फोर्स के सामने वे टिक नहीं सके। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

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