बैंक अधिकारियों पर घूस मांगने का आरोप:मैनपुरी में पीड़ित बोला- 10 प्रतिशत मांगते हैं, डीएम ने बैठाई 3 सदस्यीय जांच


मैनपुरी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान बैंक अधिकारियों पर घूस मांगने का आरोप लगने से हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बैंक ऑफ इंडिया की भोगांव शाखा के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। जिला उद्योग बंधु समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों जितेंद्र सिंह, गोविंद शर्मा, विपिन कुमार, शशांक और शिवम से सीधा संवाद किया। इस दौरान शशांक और विपिन कुमार ने आरोप लगाया कि बैंक ऑफ इंडिया की भोगांव शाखा में उनकी ऋण पत्रावलियां कई महीनों से लंबित हैं। उन्होंने बताया कि ऋण स्वीकृति के लिए 10 प्रतिशत धनराशि की मांग की जा रही है। शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बैंक अधिकारियों को योजनाओं को कमाई का जरिया न बनाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। डीएम ने जिला अग्रणी प्रबंधक, उपायुक्त उद्योग और परियोजना निदेशक डीआरडीए की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जिससे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो संबंधित शाखा प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना बताया। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं गारंटी देकर रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है, इसलिए बैंक स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान कई बैंकों में बड़ी संख्या में ऋण पत्रावलियां लंबित पाई गईं, जिस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। भारतीय स्टेट बैंक में 222, एचडीएफसी बैंक में 57, एक्सिस बैंक में 53, यूपी ग्रामीण बैंक में 50 और बैंक ऑफ इंडिया में 44 पत्रावलियां स्वीकृति के लिए लंबित मिलीं। जिलाधिकारी ने सभी शाखा प्रबंधकों को 30 मई तक इन लंबित मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र भोगांव में प्लॉट की दीवार तोड़े जाने और अराजकतत्वों के जमावड़े की शिकायत पर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया।

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