देवरिया में 104 पेट्रोल पंप सूखे:गाड़ियों की लाइन लगी, बाइक को 300 और कार का 500 से ज्यादा का फ्यूल नहीं मिल रहा


देवरिया जिले में पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट गहरा गया है। जिले के कुल 202 पेट्रोल पंपों में से आधे से अधिक, यानी लगभग 104 पंपों पर ईंधन खत्म हो गया है। जिला मुख्यालय पर भी 13 में से 8 से अधिक पंप सूखे पड़े हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बाइक सवार, कार चालक और छोटे व्यवसायी घंटों इंतजार के बाद भी निराश होकर लौट रहे हैं क्योंकि उन्हें ईंधन नहीं मिल पा रहा है। जिन पेट्रोल पंपों पर अभी भी ईंधन उपलब्ध है, वहां भी सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा है। कई पंपों पर बाइक के लिए केवल 300 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 500 रुपये तक का ईंधन ही मिल रहा है। इससे लंबी दूरी तय करने वाले और रोजमर्रा के काम के लिए वाहनों पर निर्भर लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। शुक्रवार सुबह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये की बढ़ोतरी होने से लोगों में घबराहट और बढ़ गई है। कई लोग अपनी टंकी फुल कराने के लिए पंपों पर पहुंच गए, जिससे भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सीमित ईंधन देने से बढ़ी लोगों की परेशानी
ईंधन संकट के बीच कई पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा अपनी तरफ से सीमित मात्रा में डीजल और पेट्रोल देने का नियम लागू कर दिया गया है। इससे वाहन चालकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अचानक लिमिट तय कर देने से लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भाटपाररानी जाने के लिए निकले प्रदीप कुमार सिंह अपनी स्कॉर्पियो में डीजल भराने सोनूघाट स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे। उनका आरोप है कि पंप कर्मचारियों ने उन्हें केवल 500 रुपये का ही डीजल दिया। उन्होंने अधिक डीजल की मांग की तो कर्मचारियों ने साफ मना कर दिया। प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि इतनी कम मात्रा में डीजल मिलने से लंबी दूरी की यात्रा करना मुश्किल हो गया है। इसी प्रकार अमेठी तिराहा स्थित एक पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल भराने पहुंचे अमित कुमार को भी केवल 300 रुपये का पेट्रोल दिया गया। अमित ने बताया कि उन्होंने 500 रुपये का पेट्रोल मांगा था, लेकिन कर्मचारियों ने यह कहते हुए मना कर दिया कि सभी को सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। कहीं 300 रुपये, कहीं 500 रुपये और कहीं इससे भी कम मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है। इससे आम लोगों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बन गई है।
परिवहन और कारोबार पर पड़ने लगा असर
ईंधन की कमी का असर अब जिले की परिवहन व्यवस्था और बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। निजी वाहन चालकों के साथ-साथ छोटे मालवाहक वाहन संचालकों और टैक्सी चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई वाहन चालक डीजल नहीं मिलने के कारण अपने वाहन खड़े करने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप तक भटकते रहे। कुछ स्थानों पर पेट्रोल खत्म होने की सूचना बोर्ड पर चस्पा कर दी गई, जबकि कुछ पंपों पर अचानक सप्लाई खत्म होने के बाद ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो इसका असर बाजार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। छोटे व्यापारी और डिलीवरी वाहन चालक लगातार ईंधन संकट को लेकर चिंता जता रहे हैं। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि उन्हें रोज कमाई के लिए पूरे दिन सड़क पर रहना पड़ता है, लेकिन डीजल और पेट्रोल की कमी के कारण उनकी आय प्रभावित हो रही है। वहीं किसानों ने भी चिंता जताई है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो खेती-किसानी के कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। पेट्रोलियम डीलर संगठन ने क्या कहा
देवरिया पेट्रोलियम डीलर संगठन के जिला उपाध्यक्ष नमो नारायण पांडे ने बताया कि जिले के कुछ पेट्रोल पंपों पर फिलहाल डीजल और पेट्रोल की कमी बनी हुई है, लेकिन एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल देने के लिए कोई आधिकारिक लिमिट निर्धारित नहीं की गई है। उनके अनुसार चार पहिया वाहनों में अधिकतम क्षमता तक पेट्रोल दिया जा सकता है, जबकि डीजल के लिए कोई सीमा तय नहीं है। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक अपनी तरफ से सीमित मात्रा में ईंधन दे रहा है तो यह गलत है।
नमो नारायण पांडे ने कहा कि जल्द ही नए टैंकर पहुंचने के बाद अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य हो जाएगी। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय जरूरत के अनुसार ही ईंधन लेने की अपील की। उनका कहना है कि अचानक मांग बढ़ने के कारण कई पंपों पर दबाव बढ़ गया है। यदि लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने की कोशिश करेंगे तो संकट और गहरा सकता है।
जिला प्रशासन बोला- जल्द सामान्य होगी व्यवस्था
जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि जिले के कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की कमी की सूचना मिली है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तेल कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति सामान्य हो सके।
उन्होंने कहा कि विभिन्न पेट्रोल पंपों पर टैंकर भेजे जा रहे हैं और जल्द ही ईंधन की उपलब्धता बेहतर होगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें।
जिला प्रशासन के अनुसार जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कहीं कृत्रिम संकट पैदा करने या मनमानी करने की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर सप्लाई चेन प्रभावित होने और अचानक मांग बढ़ने के कारण अस्थायी दिक्कत पैदा हुई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी। अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर, विशेषज्ञों की राय
वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर के अनुसार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव का प्रभाव वैश्विक बाजार पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां पहले घाटे में चल रही थीं, जिसके चलते आपूर्ति प्रभावित हुई थी।
रमाशंकर ने बताया कि शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जाने के बाद अब तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई कर सकेंगी। इससे बाजार में पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध होने की उम्मीद है। उनका मानना है कि अगले कुछ दिनों में सप्लाई सामान्य हो सकती है।
हालांकि आम लोगों का कहना है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय हालात से ज्यादा चिंता अपनी रोजमर्रा की जरूरतों की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ईंधन संकट दूर नहीं हुआ तो नौकरी, व्यापार, खेती और परिवहन सभी प्रभावित होंगे। फिलहाल जिले में आम नागरिकों की नजर प्रशासन और तेल कंपनियों पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में आपूर्ति सामान्य होने के साथ ही उन्हें राहत मिलेगी और पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें खत्म होंगी।

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