प्रयागराज में आंधी-तूफान से 16 लोगों की गई जान:कहीं दीवार गिरी तो कहीं पेड़ के नीचे दबने से मौत, गांवों में कई हादसे


प्रयागराज में बुधवार शाम आए आंधी, तूफान, बारिश और ओले गिरने की वजह से कई इलाकों में हादसे हुए। शहर से लेकर गांवों तक हादसों में 16 लोगों की जाने चली गईं। करीब एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी होकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक हादसे वाले इलाकों में पहुंच मदद में जुटे रहे। तेज हवाओं ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। तूफान सरीखी हवाओं ने पुराने पेड़ों को भी जड़ से उखाउ़ दिया। कहीं दीवार गिरी तो कहीं बारजा। कई जगहों पर टिन शेड उड़ गए। पुराने मकान की छतें गिर गईं। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में हालात बद से बदतर रहे। धूल भरी आंधी, तूफानी हवाओं ने खूब तबाही मचाई। हादसों पर नजर डालें तो तो अलग अलग क्षेत्रों में कुल 16 जानें गईं। बताते हैं कि हंडिया में 7 तो फूलपुर में 4 लोगों ने जान गंवाईं। इसी प्रकार सोरांव में तीन जबकि मेजा में दो लोगों की जान जाने की खबरें हैं। फूलपुर में मां–बेटे की मौत
प्रयागराज के फूलपुर इलाके में तेज आंधी से दर्दनाक हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई। सविता पत्नी संदीप प्रजापति (30 वर्ष) अपने सबसे छोटे बेटे अनुपम (6 वर्ष) को दवा दिलाकर वापस लौट रही थीं। मां बेटे ग्राम सचिवालय जोगिया शेखपुर के सामने ग्राम स्थित अनिल गुप्ता की वेल्डिंग और लकड़ी की दुकान के सामने पहुंचे थे तभी दीवार भरभरा कर गिर गई। मलबे में दबकर मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। मांडा में 9 साल के मासूम की मौत
मांडा क्षेत्र में आंधी-तूफान ने 9 वर्षीय मासूम की जान ले ली। भौसरा नरोत्तम के केवटपूरवा निवासी लक्ष्मी नारायण बिंद के पुत्र आदित्य कुमार की मौत आम के बाग में पेड़ गिरने से हुई। आदित्य कुमार आम बीनने के लिए बाग में गया था। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कुछ देर बाद उसका शव आम के बाग में एक गिरे हुए पेड़ के नीचे मिला। सोरांव में आफत बच्चे की मौत, कई जख्मी
प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र में जगदीशपुर बालकानपुर गांव में तेज आंधी के कारण पड़ोसी की दीवार गिरने से मलबे में दबकर 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। जगदीशपुर बालकानपुर निवासी रामजी गुप्ता का नौ वर्षीय पुत्र सत्यम बुधवार दोपहर अपने चचेरे भाई शिवम (10) पुत्र संतोष गुप्ता के साथ नहर किनारे बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान अचानक आई तेज आंधी से बचने के लिए दोनों बच्चे पास स्थित राकेश प्रजापति के घर की दीवार की ओट में खड़े हो गए। तभी जर्जर कच्ची दीवार भरभरा कर उन पर गिर पड़ी। मलबे में दबने से सत्यम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवम गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने तत्काल शिवम को सोरांव स्थित प्रिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। गोविंदपुर में युवक की मौत
शहर के गोविंदपुर में 20 वर्षीय युवक सुमित यादव पुत्र गल्लन यादव घर की दीवार गिरने से मौत हो गई। तेज तूफान में दीवार गिर गई। मलबे में दबने से सुमित ने दम तोड़ दिया। शिवकुटी में युवक पेड़ के नीचे दबा
इसी प्रकार शिवकुटी इलाके में पेड़ गिरने से एक युवक उसके नीचे दब गया। हादसे में उसकी जान चली गई। पड़ोसी उसे एसआरएन अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत हो गई। मरने वाले युवक का नाम राजू बताया जा रहा है। वह सड़क किनारे गुमटी लगाता था। दोपहर बाद बदला मौसम, अचानक आंधी
प्रयागराज में सुबह से पड़ रही कड़क धूप के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। देखते ही देखते आसमान में काले घने बादल छा गए और तेज आंधी शुरू हो गई। 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली। इसके बाद बारिश के साथ ओले भी गिरे। तेज हवाओं और धूल भरी आंधी के कारण चारों तरफ अंधेरा छा गया। मौसम बदलने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, हालांकि तेज हवाओं के चलते कई जगह लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। तेज हवा कारण कई जगह से पेड़ गिर गए। जिससे एक बाइक सवार घायल हो गया है। 3 तस्वीरें देखिए.. मौसम विभाग ने अगले एक से दो दिनों में फिर से मौसम बदलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। अचानक बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से गर्मी और बदलते मौसम के बीच विशेष सावधानी बरतने को कहा है। डॉक्टरों ने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। लगातार बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, एलर्जी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्मी से कैसे बचें, ग्राफिक से समझिए पिछले पांच वर्ष के अधिकतम तापमान

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