प्रयागराज के SRN हॉस्पिटल का औचक निरिक्षण:ADM प्रशासन और ACM प्रथम ने ट्रॉमा सेंटर, वार्ड, दवा स्टोर का लिया जायजा


प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल की व्यवस्थाओं का मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूजा मिश्रा और अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) ने सुबह करीब 10:30 बजे अस्पताल पहुंचकर विभिन्न विभागों, वार्डों और दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीके पाडेण्य, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अमित सिंह समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकांश डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले। अधिकारियों ने पीएमएसवाई, डेंटल, सर्जरी, रेडियोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभाग की उपस्थिति पंजिका की जांच की और समय पर ड्यूटी करने के निर्देश दिए। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। अधिकारियों ने अस्पताल में डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस को लेकर भी जानकारी ली, लेकिन ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन को शासन के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। वहां भर्ती मरीजों से इलाज और सुविधाओं को लेकर बातचीत की गई। मरीजों ने अस्पताल में भोजन, दवा और अन्य व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। अधिकारियों ने आर्थोपेडिक वार्ड, आईसीयू, अल्ट्रासाउंड यूनिट और दवा स्टोर का भी जायजा लिया। निरीक्षण में अस्पताल की सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई मशीनें चालू हालत में मिलीं। मरीजों और तीमारदारों के लिए व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और पांच सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध पाई गईं। वार्डों और गलियारों में साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक मिली। दवा वितरण केंद्र पर अधिकारियों ने लाइन में लगे तीमारदारों से बातचीत की। अधिकांश लोगों ने बताया कि अस्पताल से दवाएं आसानी से मिल जाती हैं, हालांकि कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। निरीक्षण में किसी भी प्रकार की एक्सपायरी दवा नहीं मिली। अमृत फार्मेसी के सभी पांच काउंटर भी संचालित मिले और महिलाओं के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था पाई गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की लिफ्ट बंद मिली। अधिकारियों ने कहा कि इससे सांस और गंभीर मरीजों को काफी परेशानी होती है। लिफ्ट को जल्द चालू कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर में दलालों की शिकायत को लेकर भी जांच की गई, लेकिन कोई मामला सामने नहीं आया। सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजरों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने अस्पताल में पेयजल व्यवस्था, वाटर कूलर और सफाई व्यवस्था को भी संतोषजनक पाया। साथ ही गर्मी को देखते हुए अस्पताल में फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को साफ-सफाई, उपकरणों के रखरखाव, ड्यूटी चार्ट अपडेट रखने और अवैध पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी निर्देशित किया।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *