LLR अस्पताल में अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग डे समारोह:पुराने अनुभवी हाथों ने थामे नए स्टाफ के कदम, स्वागत के साथ लिया सेवा का संकल्प


शहर के सबसे बड़े अस्पताल लाला लाजपत राय (LLR) में मंगलवार को माहौल कुछ बदला-बदला सा था। मौका था इंटरनेशनल नर्सिंग डे का, जिसे अस्पताल परिसर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस बार का आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि अनुभवी नर्सिंग स्टाफ ने अपने बीच आए नए साथियों (2026 बैच) का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में जहां पुरानी यादें ताजा हुईं, वहीं नए स्टाफ ने मरीजों की सेवा को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस मौके पर नर्सिंग स्टाफ की भूमिका को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बताया। वाइस प्रिंसिपल डॉ. रिचागिरी, एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल और पूर्व सीएमएस डॉ. एन.सी. त्रिपाठी ने इस खास दिन की बधाई दी। डॉक्टरों का मानना था कि नर्स और मरीज के बीच का रिश्ता ही इलाज को सफल बनाता है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विनय कटियार और इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. अनुराग राजवंशी ने भी नर्सिंग स्टाफ के जज्बे को सलाम किया। जूनियर्स का ‘वेलकम’ और सीनियर्स का अनुभव कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण साल 2026 बैच के नव-नियुक्त नर्सिंग स्टाफ का स्वागत रहा। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर्स ने नए साथियों को अस्पताल की कार्यशैली और मरीजों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार की बारीकियां समझाईं। सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. आरके सिंह और ऑर्थो विभाग के डॉ. संजय कुमार ने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नर्सिंग में ‘केयर’ (देखभाल) सबसे ज्यादा जरूरी है। इस दौरान आउट सोर्सिंग प्रभारी डॉ. विकास कटियार और एनईएलएस डॉ. अनिल वर्मा ने भी नर्सिंग सेवाओं के महत्व पर चर्चा की। इन्होंने संभाली आयोजन की कमान नर्सिंग डे को सफल बनाने में नर्सिंग सुपरिटेंडेंट और एएनएस भारती सिंह, सुनीता कश्यप, रेबेका, सुनीता चूड़ीवाल और नीरा एंडरसन की अहम भूमिका रही। इन वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की और नए स्टाफ का हौसला बढ़ाया। पीएमएसवाई के नोडल ऑफिसर डॉ. मनीष सिंह ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर स्टाफ का उत्साहवर्धन किया। टीम वर्क से सफल हुआ कार्यक्रम
किसी भी बड़े आयोजन की सफलता के पीछे एक मजबूत टीम होती है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर्स (SNO) अर्चना पांडेय, कविता सचान, अंजंता सचान और रुचि मिश्रा ने विशेष सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक साथ मिलकर मरीजों की निस्वार्थ सेवा करने की शपथ ली और इस दिन को यादगार बनाया।

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