गलत ब्लड चढ़ाने से मरीज की मौत का आरोप:कानपुर में परिवार ने हंगामा किया, जीवन ज्योति अस्पताल संचालक, डॉक्टर-स्टाफ पर मुकदमा


कानपुर में कल्याणपुर के पनकी रोड स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार देर शाम एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गलत ब्लड चढ़ाने और इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। करीब 18 घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक, डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं एसीएमओ की टीम भी देर शाम हॉस्पिटल पहुंची और बिना रजिस्ट्रेशन के हॉस्पिटल संचालित करने पर नोटिस थमाते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है। पाइल्स के इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के गड़िया निजामपुर निवासी हरिओम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके भाई गौरव सिंह को पाइल्स की बीमारी थी। 9 मई को उनका इलाज कल्याणपुर स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में कराया गया था। परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान डॉ. विक्रम सिंह ने मरीज को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया। दो यूनिट ब्लड अगले दिन के लिए रखा गया था। आरोप है कि 10 मई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया जा रहा था, उसी दौरान मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई। ICU के नाम पर पैसे मांगने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि हालत बिगड़ने पर मरीज को ICU में भर्ती करने के लिए 50 हजार रुपये जमा करने की मांग की गई। जब परिजनों ने केवल 10 हजार रुपये होने की बात कही तो अस्पताल स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया और मरीज को ले जाने तक की बात कह दी गई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद स्थिति और बिगड़ती गई और 11 मई की सुबह डॉक्टरों ने गौरव सिंह को मृत घोषित कर दिया। गलत ब्लड और लापरवाही का आरोप, मुकदमा दर्ज परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत और संक्रमित ब्लड चढ़ाने के साथ-साथ पैसे वसूलने की नीयत से लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीवन ज्योति अस्पताल के डॉ. विक्रम सिंह, अस्पताल संचालक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसीएमओं की टीम पहुंची निरीक्षण करने कल्याणपुर में बवाल के बाद मंगलवार को एसीएमओ की टीम मौके पर पहुंची और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हॉस्पिटल संचालक हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा पाए। जिसके बाद हॉस्पिटल संचालक विक्रम तोमर को नोटिस थमाते हुए तीन दिन में जवाब माँगा है। जवाब ना मिलने पर हॉस्पिटल को सील किया जाएगा। पुलिस की कार्रवाई डीसीपी पश्चिम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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