रामपुर लोक अदालत में 97,519 मामले निपटे, परिवार फिर जुड़े:मोटर दुर्घटना पीड़ितों को करोड़ों का मुआवजा मिला, त्वरित न्याय भी हुआ


रामपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 97,519 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें पारिवारिक विवादों सहित विभिन्न प्रकार के मामलों में लोगों को त्वरित राहत मिली। लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष भानु देव शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस लोक अदालत का एक महत्वपूर्ण पहलू परिवारों को फिर से जोड़ना रहा। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार ने आपसी सहमति से 48 पारिवारिक मामलों का निस्तारण कराया, जिससे कई परिवारों में सुलह हुई।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार यादव ने 21 दुर्घटना मामलों का निपटारा करते हुए मृतकों और घायलों के आश्रितों को 1 करोड़ 62 लाख 40 हजार रुपये का मुआवजा दिलाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुपमा सिंह ने 3,702 मामलों का निस्तारण कर 3 लाख 3 हजार 170 रुपये का अर्थदंड वसूला। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट छवि अस्थाना ने 802 मामलों और विशेष न्यायाधीश पॉक्सो इंद्रप्रकाश ने 9 मामलों का निस्तारण किया। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शोभित बंसल ने 1,106 फौजदारी मामलों का समाधान कराया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति मोगा, संजय कुमार सिंह, आशीष कुमार और श्वेतांक चौहान ने भी सैकड़ों मामलों का निपटारा किया।
ग्राम न्यायालय शाहाबाद और स्वार में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों जैसे बैंकों, फाइनेंस कंपनियों, विद्युत विभाग, नगर पालिका, श्रम विभाग और पुलिस विभाग से संबंधित 89,241 मामलों का निस्तारण हुआ। दीवानी न्यायालयों के 8,278 मामलों का भी समाधान किया गया। लोक अदालत में आए लोगों ने त्वरित और सस्ता न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालतें सामाजिक सौहार्द और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम बन रही हैं।

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