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भारतीय जनता पार्टी में अयोध्या विधानसभा सीट को लेकर अंदरखाने सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और पूर्व सांसद लल्लू सिंह के बीच चल रही खींचतान अब टिकट की दावेदारी से जोड़कर देखी जा रही है। हालांकि यह जंग खुलकर सामने नहीं आई
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पूर्व सांसद खेमे का दावा है कि 2027 चुनाव में या तो लल्लू सिंह या उनके पुत्र विकास सिंह को टिकट मिल सकता है। वहीं विधायक समर्थक भी पीछे नहीं हैं। उनका कहना है कि वेद प्रकाश गुप्त की पकड़ अभी मजबूत है, और अगर उम्र फैक्टर बना तो उनके पुत्र अमल गुप्त को मौका मिल सकता है।
विकास कार्यों को लेकर बढ़ी प्रतिस्पर्धा दोनों नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा विकास कार्यों में भी दिखाई दे रही है। पूर्व सांसद के गांव रायपुर जाने वाले ओवरब्रिज की मंजूरी को उनके समर्थक बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव हारने के बावजूद पार्टी में उनका प्रभाव कायम है।
वहीं विधायक समर्थक तर्क देते हैं कि यदि उनकी पकड़ कमजोर होती तो अश्विनी वैष्णव उनके अनुरोध पर अयोध्या से मुंबई के लिए अमृत भारत ट्रेन शुरू नहीं करते। साथ ही रामपथ से गद्दोपुर-मऊ शिवाला-रायबरेली हाईवे को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क और जिंगल बेल स्कूल के पास रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज की मंजूरी का भी दावा किया जा रहा है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ेगा सियासी तापमान फरवरी-मार्च 2027 में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले अब महज कुछ महीने का समय बचा है। ऐसे में दोनों खेमों की सक्रियता और बढ़ने के संकेत हैं। पांच बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके लल्लू सिंह को लेकर समर्थक आश्वस्त हैं कि वे इस बार विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंकेंगे।