आगरा में 12वीं फेल बनी असिस्टेंट प्रोफेसर:14 साल तक कॉलेज में नौकरी कर ली सैलरी, FIR के आदेश


आगरा के सेंट जॉन्स कॉलेज में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 14 साल से नौकरी कर रहीं डॉ. विधु ग्रेस नोएल की 12वीं की मार्कशीट फर्जी निकली है। कॉलेज प्रबंधन ने जांच के बाद 24 अप्रैल 2025 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। अब क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर DCP नगर से FIR दर्ज कराने की मांग की गई है।
2011 में की थी जॉइनिंग डॉ. विधु ग्रेस नोएल ने 19 फरवरी 2011 को सेंट जॉन्स कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर जॉइन किया था। विजय कुमार नाम के व्यक्ति ने शिकायत की कि डॉ. नोएल ने नियुक्ति के समय जो 12वीं की मार्कशीट लगाई थी, वह कूटरचित है। आरोप है कि वह 12वीं में फेल थीं, लेकिन फर्जी अंकतालिका लगाकर नौकरी हासिल कर ली। जांच में दोषी पाई गईं शिकायत के बाद कॉलेज प्रबंधन ने नियमानुसार जांच कमेटी गठित की। जांच में आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज की प्रबंध समिति ने डॉ. नोएल को टर्मिनेट करने का फैसला लिया। प्राचार्य/सचिव ने 24 अप्रैल 2025 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। उच्च शिक्षा अधिकारी ने दिए FIR के निर्देश
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आगरा ने अपने पत्र संख्या 4650-51 दिनांक 13 मार्च 2026 के जरिए कॉलेज प्रबंधन को FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। पत्र में साफ कहा गया कि फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाना गंभीर अपराध है। इसके लिए वैधानिक कार्रवाई जरूरी है। DCP नगर को भेजा पत्र
उच्च शिक्षा अधिकारी के निर्देश के अनुपालन में कॉलेज प्रबंधन ने अब DCP नगर, आगरा कमिश्नरेट को पत्र भेजा है। पत्र के साथ जांच रिपोर्ट, उच्च शिक्षा अधिकारी का पत्र और अनुस्मारक की कॉपी भी लगाई गई है। कॉलेज ने पुलिस से तत्काल FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 14 साल तक लेती रहीं वेतन
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि डॉ. नोएल 2011 से 2025 तक यानी करीब 14 साल तक कॉलेज में पढ़ाती रहीं। इस दौरान सरकारी वेतनमान के हिसाब से लाखों रुपए वेतन भी लिया। अब सवाल उठ रहा है कि नियुक्ति के समय दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं हुई? फर्जीवाड़ा इतने साल तक कैसे छिपा रहा?

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